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लोन न चुकाने पर क्या होगा?

आज जानते हैं बैंक का लोन न चुकाने की स्थिति में क्या होता है (bank loan nahi bhara to kya hoga)। हम सभी बेहतर ज़िन्दगी जीने के लिए सुविधाएँ जुटाते हैं और इन सुविधाओं को जुटाने के लिए बहुत से पैसों की जरुरत पड़ती है।

किसी को अपना घर चाहिए होता है तो किसी को अपनी गाड़ी, ऐसे में अक्सर बैंक से लोन लेकर अपनी इन जरूरतों को पूरा किया जाता है और बैंक को ईएमआई जमा कराई जाती है लेकिन कई बार हालात इस कदर बिगड़ भी जाते हैं जिनके कारण ईएमआई चुकाने के पैसे भी नहीं बचते।

ऐसे में बैंक का कर्ज चुकाना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ये जान लेना बेहतर होगा कि बैंक का लोन न चुकाने की स्थिति में क्या होता है। तो चलिए, आज इसी बारे में बात करते हैं।

बैंक से लिए जाने वाले लोन 2 तरह के होते हैं- सिक्योर्ड लोन और अनसिक्योर्ड लोन। सिक्योर्ड लोन में होम लोन, गोल्ड लोन, ऑटो लोन, म्यूचुअल फंड लोन और मॉर्गेज लोन आते हैं जबकि अनसिक्योर्ड लोन की कैटेगरी में पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन आते हैं।

लोन चुकाने में देरी करने पर क्या होता है? (loan chukane me deri)

आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) के अनुसार, लगातार 90 दिनों तक लोन की ईएमआई या कोई भी राशि जमा नहीं कराई जाए तो इसे नॉन परफार्मिंग एसेट्स (NPA) मान लिया जाता है।

ऐसा होने पर बैंक द्वारा अकाउंट होल्डर को एक नोटिस भेजा जाता है जिसमें लोन की कुल राशि का भुगतान एक बार में करने के लिए कहा जाता है। अकाउंट होल्डर द्वारा ऐसा नहीं किये जाने की सूरत में बैंक कानूनी कार्यवाही की धमकी भी दे सकता है।

लोन न चुकाने पर क्या होता है? (loan na chuka pane par kya hota hai)

लोन न चुकाने की स्थिति में पहले लीगल नोटिस भेजा जाता है, उसके दो महीने बाद बैंक दूसरा नोटिस भेजता है। इस नोटिस के ज़रिये बैंक ये बताता है कि अकाउंट होल्डर के घर की कुल कीमत कितनी है और इसे नीलामी के लिए कितनी कीमत पर रखा गया है। घर की नीलामी की तारीख भी निश्चित होती है जो आमतौर पर दूसरा नोटिस भेजने के एक महीने बाद की होती है।

आमतौर पर होम लोन के ज़्यादातर मामले NPA से जुड़े हुए नहीं होते हैं इसलिए बैंक तुरंत कार्यवाही करने की बजाए लगातार दबाव बनाये रखते हैं और इसके बाद भी अगर अकाउंट होल्डर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है तो बैंक कानूनी कार्यवाही की ओर रुख करते हैं।

लोन न चुकाने पर बैंक क्या कर सकते हैं? (loan na chuka pane par bank kya kar sakte hai)

अगर होम लोन का भुगतान नहीं किया जाए तो बैंक द्वारा संपत्ति को जब्त किया जा सकता है और उसकी नीलामी कराई जा सकती है। इस विकल्प को आज़माने से पहले बैंक द्वारा अन्य विकल्पों पर जोर दिया जाता है।

लोन न चुकाने पर क्या होगा

संपत्ति की नीलामी के बाद क्या होता है?

अकाउंट होल्डर द्वारा लोन न चुकाने की स्थिति में बैंक को उसकी प्रॉपर्टी को बेचना पड़ता है और अगर नीलामी में मिली राशि कर्ज से ज़्यादा होती है तो बैंक उसे कर्जदार के अकाउंट में डाल देता है लेकिन नीलामी में मिली राशि अगर कर्ज से कम होती है तो घर नीलाम होने के बाद भी अकाउंट होल्डर को बाकी की रकम बैंक को चुकानी होगी।

दोस्तों, बैंक हमारी सुविधाओं को पूरा करने के लिए ही लोन जैसी सुविधा उपलब्ध कराते है और समय पूरा होने पर लोन का पूरा पैसा वापिस लेना बैंक की कार्यप्रणाली का अंग है और अब आप जान चुके हैं कि बैंक का लोन न चुकाने की स्थिति में क्या होता है।

इसलिए हर तरह से निश्चिन्त होकर ही लोन लेने की दिशा में कदम बढ़ाएं और सही समय पर बैंक का लोन चुकाएं ताकि आपको किसी भी तरह की तकलीफ का सामना ना करना पड़े।

उम्मीद है जागरूक पर लोन न चुकाने पर क्या होगा (personal loan nahi bhara to kya hoga, personal loan na chuka pane par, personal loan defaulter legal action in hindi, personal loan defaulters punishment in hindi, loan defaulter in hindi, personal loan defaulter law in india in hindi) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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