एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या होता है?

आइये जानते हैं एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या होता है और एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्वास्थ्य पर प्रभाव। दुनिया में प्रदूषण का बहुत तेजी से बढ़ता प्रभाव हमारे स्वास्थ्य को गंभीर करने में पूरा योगदान दे रहा हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स की सहायता से हम ये जान पाएंगे की जो हम सांस ले रहे हैं, उसमें कितनी मात्रा में गैसें उपस्थित हैं जो कि हम प्रतिदिन ले रहे हैं।

इंडेक्स का मतलब किसी गुणवत्ता को बताता है। एयर क्वालिटी इंडेक्स यह बताता है की वायु में हम जो सांस ले रहे हैं उस हवा में कौनसी गैसें कितनी मात्रा में घुली हुई हैं और इनकी मात्रा कम और ज्यादा होने से हमारे स्वास्थ्य पर क्या क्या प्रभाव पड़ सकता हैं। पर्यावरण के वायु प्रदूषण को जाँचने के लिए वायु की गुणवत्ता के आधार पर इस इंडेक्स में 6 केटेगरी बनायीं गईं हैं जिनके बारे में हम नीचे लेख में जानेंगे।

एयर क्वालिटी इंडेक्स भारत में कब से शुरू हुआ और एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या बताता है – भारत में एयर क्वालिटी इंडेक्स (राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक) को स्वच्छ भारत अभियान के तहत 17 सितंबर 2014 को नई दिल्ली में शुरू किया गया था। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक से प्रतिदिन वायु में उपस्थित प्रदूषण कि मात्रा पता कर पाएंगे।

एयर क्वालिटी इंडेक्स 8 प्रदूशकों (PM10, PM2.5, NO2, O3, CO, SO2, NH3 और Pb) पर विचार करता हैं। ये इंडेक्स ये बताता है की  हवा में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय किए गए मापदंड से अधिक हैं तो वह हमारे स्वास्थ्य पर कितना प्रभाव पड़ेगा।

एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्वास्थ्य पर प्रभाव – हवा की गुणवत्ता के आधार पर इस इंडेक्स में 6 वर्ग बनाये गए हैं- अच्छी, संतोषजनक, थोड़ा प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर। हवा की गुणवत्ता जैसे जैसे खराब होती जाती है वैसे ही रैंकिंग अच्छी से गंभीर की श्रेणी में आती जाती है।

0-50 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छी मानी जाती हैं और इससे हमारे स्वास्थ्य पर कुछ प्रभाव नहीं पड़ता हैं।

51-200 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स संतोषजनक होती हैं पर इससे हमें सांस लेने में तकलीफ महसूस होती हैं।

101-200 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स थोड़ी प्रदूषित होती हैं। इससे ज्यादातर फेफड़े की बीमारियों जैसे ह्रदय रोग, अस्थमा और हमें साँस लेने में परेशानी होती हैं।

201-300 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होती है। यदि यही इंडेक्स लम्बे समय तक वायु में उपस्थित रहती हैं तो यह ज्यादातर श्वसन रोग और ह्रदय रोग होने में जिम्मेदार होती हैं।

301-400 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब मानी जाती हैं। यह किसी भी शहर की वायु में नहीं पायी जानी चाहिए। यह भी हमारे साथ बच्चों में भी सांस से संबंधित रोग होने के लिए जिम्मेदार होती हैं।

401-500 के बीच में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत ही गंभीर होती हैं। इससे सांस के साथ, ह्रदय रोग और भयंकर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं और इसका उपाय यही है की हम घर में बहुत ज्यादा ही पेड़ पौधे लगाएं और बाहर कम से कम निकलें।

एयर क्वालिटी इंडेक्स से प्रदूषण का आगे का रास्ता क्या होगा – आमतौर यह जानना जरुरी हैं की एयर क्वालिटी इंडेक्स का हमारे लिए क्या फायदा करेगा तो हम बता दें की यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होगा क्योंकि एयर क्वालिटी इंडेक्स से वायु प्रदूषण पर हमेशा नज़र रखना संभव हो पाएगा।

हम सोशल मीडिया के जरिए अपने दोस्तों में भी ये अलर्ट भेज पाएंगे और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाएं जाएं इसके लिए सरकार भी कुछ उपाय निकालेगी जिससे वायु में इन गैसों की मात्रा संतुलित रहें।

उम्मीद है जागरूक पर एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या होता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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