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अश्वगंधा क्या है और क्या है इसके फायदे और नुकसान?

अश्वगंधा का नाम तो आपने कई बार सुना होगा। अश्वगंधा से सम्बंधित विज्ञापन अखबारों और टीवी में भी देखे होंगे। पर क्या कभी आपने सोचा है की अश्वगंधा होता क्या है और क्या फायदे है इसके। तो आइये जानते है अश्वगंधा क्या है और क्या गुण है इसके।

अश्वगंधा क्या है?

अश्वगंधा “सोलेनेसी कुल” का पौधा है। इस कुल की पूरे विश्व में लगभग 3000 जातियाँ पाई जाती हैं। जिसमें से भारत में केवल 2 जातियाँ ही पाई जाती हैं। अश्वगंधा एक खास प्रकार की जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग कई रोगों में औषधि के रूप में किया जाता है।

अश्वगंधा का ज्यादातर उपयोग मोटापा घटाने, बल और वीर्य विकार को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा अश्वगंधा के कई सारे ओर भी फायदे हैं। इसका अत्यधिक मात्रा में सेवन करना भी काफी नुकसानदायक हो सकता है।

यह पौधा अपने खास औषधीय गुणों के कारण बहुत तेजी से प्रचलित हुआ है। सभी जड़ी-बूटियों में अश्वगंधा सबसे अधिक प्रसिद्ध जड़ी-बूटी के रूप में मानी जाती है। भारत में अश्वगंधा का इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता है।

शोधकर्ताओं का कहना है की इसका उपयोग तनाव और चिंता के लक्षणों को दूर करने में किया जाए तो यह सबसे अधिक फायदेमंद साबित होगा। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में अश्वगंधा को “असगण्य” या “पाडलसिंह” के नाम से जाना जाता है।

अश्वगंधा को नकदी फसल के रूप में भी उगाया जाता है। इसका नाम अश्वगंधा इसलिए पड़ा क्योंकि इस पौधे की ताजा पत्तियों तथा जड़ों में घोड़े के मूत्र की जैसी गंध आती है।

अश्वगंधा की जड़ों में 0.13 से 0.31% तक एल्केलाॅइड की सांद्रता पाई जाती है। इस पौधे में महत्वपूर्ण विदानिन एल्केलाॅइड होता है, जो कि कुल एल्केलाॅइड का 35 से 40% होता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अश्वगंधा की माँग इसके अधिक गुणकारी होने के कारण बढ़ती जा रही है।

अश्‍वगंधा के फायदे

  • इस पौधों की जड़े शक्तिवर्धक, शुक्राणु वर्धक एंव पौष्टिक होती हैं। और इस पौधे की जड़े शरीर को शक्ति प्रदान कर बलवान बनाती हैं।
  • खाँसी एंव अस्थमा को दूर करने में अश्वगंधा की जड़ों के पाउडर का उपयोग किया जाता है।
  • अश्वगंधा से बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जाता है। इसकी सहायता से कई प्रकार की औषधि बनाई जाती है।
  • अश्वगंधा की जड़ों के चूर्ण का उपयोग गठिया एंव जोड़ो के दर्द को ठीक करने के लिये भी किया जाता है।
  • त्वचा सबंधी बीमारियों के निदान हेतु भी अश्वगंधा की जड़ों को प्रयोग में लिया जाता है।
  • सफेद बालों की समस्याओं को दूर करने के लिए अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है।
  • आंखों की ज्‍योति बढ़ाने में भी अश्‍वगंधा काफी असरदार होता है।
  • टीबी के रोग में भी अश्वगंधा के चूर्ण का उपयोग किया जाता है।
  • पेट से सम्बंधित बीमारीयों में अश्वगंधा के चूर्ण का उपयोग किया जाता है।

अश्वगंधा के नुकसान

अश्‍वगंधा के फायदे तो काफी है लेकिन इसका अत्यधिक सेवन भी काफी नुकसानदायक होता है।

  • गर्म प्रकृति वाले व्‍यक्तियों के लिए अश्‍वगंधा का उपयोग नुकसानदायक होता है।
  • ब्लड प्रेशर से ग्रस्त लोगों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अश्वगंधा का अत्यधिक उपयोग करने से पेट सम्बंधित बीमारी हो सकती है।
  • अश्वगंधा का सही मात्रा में उपयोग ना करने से उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अश्वगंधा का सही मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए। हमें उम्मीद है आपको जागरूक पर अश्‍वगंधा से जुडी यह जानकारी पसंद आयी होगी।

References:

अवश्गंधा (Withania somnifera)