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एटीएम का आविष्कार कैसे हुआ?

एटीएम का आविष्कार (atm ka avishkar) हमारे लिए बेहद राहत भरा आविष्कार रहा है क्योंकि एटीएम के आने के बाद हमें पैसों के लिए बैंकों की लम्बी कतारों में नहीं लगना पड़ता। एटीएम यानी ऑटोमेटेड टेलर मशीन आज हमारे जीवन का अहम् हिस्सा बन चुका है।

लेकिन क्या आपको पता है एटीएम का आविष्कार कैसे हुआ था और किसने किया था (atm ka avishkar kaise hua)? आइये आज आपको बताते हैं एटीएम के आविष्कार (atm ka avishkar kisne kiya) से जुडी कुछ अहम् जानकारियां जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

एटीएम का आविष्कार कैसे हुआ? (atm ka avishkar kaise hua)

यूँ तो एटीएम के आविष्कार का श्रेय ‘जॉन शेफर्ड बैरन’ को जाता है लेकिन इनसे पहले ‘लूथर जार्ज सिमियन’ नाम के एक अमेरिकी नागरिक ने 1939 में ही एटीएम मशीन तैयार कर ली थी लेकिन ये सिर्फ डिपॉजिट मशीन थी जिसमे कैश और चेक ही जमा होते थे, इस मशीन का नाम रखा गया था ‘बैंक मेटिक’।

लेकिन करीब 6 महीने बाद बैंक ने इसे नकार दिया था क्योंकि इसका इस्तेमाल ना के बराबर होता था। फिर 1960 के दशक में जॉन शेफर्ड बैरन को एक ऐसी मशीन बनाने का आईडिया आया जिससे 24 घंटे पैसे निकाले जा सकें।

आपको शायद पता ना हो लेकिन जॉन शेफर्ड बैरन भारतीय मूल के ही थे इनका जन्म 23 जून, 1925 को भारत में मेघालय के शिलॉन्ग में हुआ था।

जॉन शेफर्ड बैरन को एटीएम मशीन बनाने का विचार तब आया जब एक दिन इन्हें पैसे निकालने की आवश्यकता हुई और ये बैंक गए लेकिन तब तक बैंक बंद हो चूका था। तब इन्होने सोचा की क्यों ना ऐसी मशीन बनाई जाये जिसमे से किसी भी वक्त पैसे निकाले जा सकें ताकि बैंक पर आधारित ना रहना पड़े।

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बस तभी से जॉन शेफर्ड बैरन एटीएम के निर्माण में लग गए और फिर आखिरकार इन्हें सफलता मिली। जॉन शेफर्ड बैरन द्वारा निर्मित दुनिया की पहली एटीएम मशीन 27 जून 1967 लंदन में बारक्लेज बैंक की एक शाखा में लगाया गई थी।

एटीएम के बारे में एक सवाल और है जिसके बारे में शायद आपने भी सोचा होगा की एटीएम के पिन हमेशा 4 डिजिट के ही क्यों होते हैं। इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है।

दरअसल पहले जॉन शेफर्ड बैरन ने 6 डिजिट वाले एटीएम पिन दिए थे लेकिन इनकी पत्नी को 6 डिजिट वाले एटीएम पिन याद रखने में काफी तकलीफ होती थी और इसी के मद्देनजर इन्होने एटीएम पिन को 4 डिजिट का कर दिया जो अब तक चलन में है।

भारत में सबसे पहला एटीएम 1987 में मुंबई में हॉन्गकॉन्ग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (HSBC) बैंक की एक शाखा में लगाया गया था। जॉन 84 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए थे लेकिन ये दुनिया को एक ऐसी मशीन दे गए जिसके लिए इन्हें कभी भूला नहीं जा सकता।

एटीएम का आविष्कार कैसे हुआ

उम्मीद है जागरूक पर एटीएम का आविष्कार कैसे हुआ (atm ka avishkar kaise hua) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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