बायोप्सी क्या है?

आइये जानते हैं बायोप्सी क्या है। कई बार ऐसे हेल्थ इश्यूज आ जाते हैं जिन्हें समझना आसान नहीं होता है। पेट की प्रॉब्लम, किसी तरह की सूजन और इन्फेक्शन जैसे लक्षणों को कई बार डॉक्टर बाहरी तौर पर पहचान नहीं पाते हैं। ऐसे में शरीर के अंदर की स्थिति को समझना जरुरी हो जाता है और शरीर के अंदर सेल्स किस तरह रिएक्ट कर रही हैं, ये जानने का एक मैथड बायोप्सी है जिससे कैंसर, अल्सर और सूजन जैसी गंभीर समस्याओं का पता लगाया जाता है।

ऐसे में आपको भी बायोप्सी से जुड़ी जानकारी रखनी चाहिए ताकि आप इसके प्रति जागरूक बन सकें और अपनी सेहत के प्रति सतर्क बने रहें इसलिए आज हम आपको बताते हैं बायोप्सी के बारे में।

बायोप्सी क्या है?

बायोप्सी बीमारी का पता लगाने का एक तरीका है जिसमें मरीज के शरीर से सेल्स या ऊतकों का सैंपल लिया जाता है और माइक्रोस्कोप के जरिये उसकी जाँच की जाती है। ये सैंपल लेने के लिए मरीज की स्किन में चीरा लगाया जाता है।

बायोप्सी के कई प्रकार होते हैं जिन्हें जरुरत के अनुसार इस्तेमाल किया जाता है जैसे स्क्रैप बायोप्सी, पंच बायोप्सी, नीडल बायोप्सी, स्टीरिओटेक्टिक बायोप्सी और एंडोस्कोपिक बायोप्सी।

बायोप्सी करने का कारण

बायोप्सी किसी विशेष स्थिति का पता लगाने के लिए ही की जाती है जैसे-

कैंसर – शरीर पर किसी तरह की गांठ दिखाई देने पर ये स्पष्ट करने के लिए बायोप्सी की जाती है कि वो गांठ कैंसर की है या किसी और बीमारी की।

लीवर डिसीज – लीवर ट्यूमर और लीवर कैंसर का पता लगाने और हेपेटाइटिस या शराब के ज्यादा सेवन से जख़्मी हुए लीवर की स्थिति का पता लगाने के लिए।

इन्फेक्शन – शरीर में फैले ऐसे इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए बायोप्सी की जाती है जिसके बारे में बाहरी रूप से कोई जानकारी नहीं मिल रही हो।

अल्सर – पेट के अल्सर का पता लगाने के लिए भी बायोप्सी की जाती है।

सूजन या जलन – शरीर में किसी तरह की सूजन या जलन होने पर, जिसका कारण स्पष्ट नहीं हो रहा हो, उसकी जाँच के लिए बायोप्सी की जाती है।

बायोप्सी कब करवानी चाहिए?

बायोप्सी करने का फैसला मरीज का नहीं हो सकता, ये निर्णय डॉक्टर द्वारा ही लिया जाता है जब शरीर पर बाहरी रूप से इनमें से कोई लक्षण दिखाई देते हैं-

  • लम्बे समय तक अल्सर सही ना होने की स्थिति में
  • एक्स-रे या सीटी स्कैन में ट्यूमर या सिस्ट दिखाई देने पर
  • शराब का ज्यादा सेवन करने वाले मरीजों के लीवर की जाँच के लिए
  • ब्रेस्ट में गाँठ बनने की स्थिति में

बायोप्सी से पहले किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए?

बायोप्सी की प्रक्रिया कैसी होगी, ये उसके प्रकार पर निर्भर करता है। लेकिन फिर भी बायोप्सी से पहले आप कुछ बातें ध्यान में जरूर रखें जैसे बायोप्सी से पहले कुछ खाना-पीना है या नहीं, ये डॉक्टर से जरूर पूछें।

इसके अलावा आपके द्वारा ली जाने वाली दवाओं की स्पष्ट जानकारी डॉक्टर को दें और किसी प्रकार की एलर्जी और हेल्थ इश्यू होने पर डॉक्टर से साझा जरूर करें।

बायोप्सी कैसे की जाती है?

बायोप्सी किस अंग की होगी, उसके आधार पर मरीज को पीठ के बल या पेट के बल लेटना होता है या फिर खड़े होने या बैठने के लिए भी कहा जा सकता है। इसके बाद मरीज को एनेस्थेसिया दिया जाता है यानी उसे बेहोशी की दवा दी जाती है जिससे उसे दर्द का पता नहीं चलता है।

उसके बाद बायोप्सी के उपयुक्त तरीके से त्वचा में छेद करके स्किन सैंपल लिया जाता है और उसकी जाँच करके रिपोर्ट दी जाती है। बायोप्सी हो जाने के बाद मरीज को थोड़ा दर्द महसूस हो सकता है जिसके लिए डॉक्टर द्वारा पेनकिलर्स दी जाती है।

बायोप्सी से क्या फायदा होता है?

  • नीडल बायोप्सी से शरीर के ऊतकों का सही सैंपल लिया जाता है जिससे कैंसर से जुड़ी स्पष्ट जानकारी मिल जाती है।
  • बायोप्सी में मरीज को तकलीफ से नहीं गुजरना पड़ता है।
  • बायोप्सी के रिजल्ट्स सही और सटीक आते हैं।
  • ब्रेस्ट कैंसर का निदान करने में बायोप्सी बहुत सहायक सिद्ध होती है।
  • बायोप्सी के बाद मरीज को सामान्य होने में ज्यादा समय नहीं लगता है।

बायोप्सी से क्या नुकसान होता है?

  • बायोप्सी के दौरान स्किन पर लगाया गया चीरा अगर लम्बे समय तक ना भरे तो ये तकलीफदेह हो सकता है।
  • बायोप्सी के दौरान अगर आंतरिक ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाएँ तो समस्या बढ़ सकती है।
  • सैंपल लेते समय मरीज को घबराहट और उलटी जैसा अनुभव हो सकता है।

बायोप्सी के बारे में सभी जरुरी बातें आप जान चुके हैं और ये भी समझ गए हैं कि शरीर की जरुरत के अनुसार ही हर टेस्ट इजात किया गया है और डॉक्टर द्वारा भी जरुरत पड़ने पर ही किसी टेस्ट का सुझाव दिया जाता है।

ऐसे में आप बायोप्सी को लेकर घबराएं नहीं और किसी भी टेस्ट से पहले उससे जुड़ी थोड़ी जानकारी लेकर जाएँ ताकि आप अपने स्तर पर सतर्क और जागरूक रहकर अपनी शारीरिक समस्याओं का निदान करने में सहायक बन सकें।

जागरूक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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