क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है?

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आइये जानते हैं क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है और क्या है इसके उपयोग और फायदे। क्लाउड कंप्यूटिंग एक प्रकार से इंटरनेट बेस्ड कंप्यूटिंग हैं, जिसमें यूजर्स की डिमांड पर कंप्यूटर और अन्य डिवाइसेस के लिए डेटा और रिसोर्सेस शेयर किए जाते हैं। अगर सरल शब्दों में बात की जाये तो अपनी फ़ाइलों को ऐसी जगह स्‍टोर करना जहां पर लोकल हार्ड ड्राइव नहीं हैं, इसके लिए क्लाउड कंप्यूटिंग की जरुरत होती है।

क्लाउड शब्द को इंटरनेट के लिए “बादल” शब्द के रूप में उपयोग किया गया हैं जिसमें रिमोट सर्वर का एक बड़े ग्रुप का नेटवर्क होता हैं जिसकी सहायता से इंटरनेट के माध्‍यम से ऑर्गेनाइजेशन कंप्‍यूटर और डिवाइसेस पर सर्वर, स्‍टोरेज और ऐप्‍लीकेशन की सर्विस को डिलीवर करता हैं।

जब हम ई-मेल सेवा का उपयोग करते है तो उस समय हमारा डाटा क्लाउड सर्वर पर स्टोर होता है ना कि कंप्यूटर पर। यूजर्स अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर मोबाइल के जरिये आसानी से क्लाउड सिस्टम को कनेक्ट कर सकते है| क्लाउड कंप्यूटिंग का सबसे बड़ा उदाहरण “जीमेल” और “यूटूब” है जिनमें हमारा डाटा ऑनलाइन स्टोर होता है।

इंटरनेट का आविष्कार

कैसे काम करता है क्लाउड कंप्यूटिंग?

फिजिकल सर्वर पर इनफॉर्मेशन और सॉफ्टवेयर स्‍टोर के माध्यम से क्लाउड कंप्यूटिंग कार्य करता है जिसको सर्वर प्रोवाइडर कंट्रोल करता है। यह दो लेयर के माध्यम से कार्य करता है जिसमे पहली लेयर “फ्रंट एन्ड लेयर” और दूसरी “बैक एन्ड लेयर” होती है।

“फ्रंट एन्ड लेयर” वो लेयर होती है जिसे हमारे द्वारा देखा जा सकता है और यूजर इसके साथ इंटरेक्ट कर सकते हैं तथा “बैक एन्ड लेयर” वो होती है जिसे हम देख नहीं सकते क्योंकि इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का आर्किटेक्टचर होता है जो यूजर को फ्रंट एन्ड लेयर को दिखाने में मदद करता है।

जब यूजर वेबमेल जैसे की जी-मेल का उपयोग करते है तो वह क्लाउड के “फ्रंट एन्ड लेयर” पर रन हो रहे सॉफ्टवेयर की वजह से संभव हो पाता हैं।

क्लाउड सर्विसेज- क्‍लाउड सीर्वसेस को तीन प्रकार में बाटां गया हैं-

1. Infrastructure-as-a-service (IaaS)– क्लाउड की यह सर्वीस ऑन डिमांड आईटी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का एक्‍सेस प्रदान कराती हैं। इस सर्विस में स्‍टोरेज, नेटवर्क और कंप्‍यूटर शामिल है जो की आपके वर्कलोड को रन करते है।

2. Platform-as-a-service (PaaS)– इस सर्विस के जरिये आप अपने एप्‍लीकेशन को डेवलप, टेस्‍ट, रन और मैनेज कर सकते हैं। इस सर्विस में वेब सर्वर, एक्सिक्यूशन रनटाइम और ऑनलाइन डेटाबेस शामिल होते हैं। इस सर्विस के माध्यम से आप फ़ास्ट काम कर सकते है तथा अपनी एप्‍लीकेशन को जल्‍दी रिलीज कर सकते हैं।

3. Software-as-a-service (SaaS)– यह सर्विस छोटे व्यवसायों द्वारा प्रयोग ली जाने वाली सबसे आम सर्विस है तथा इस सर्विस में रिमोट सर्वर पर होस्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग शामिल होता है। यह सर्विस आपके वेब ब्राउज़र के जरिये एप्‍लीकेशन रन करता है और आपकी स्टोर फाइलों को सेव तथा शेयर करता हैं।

क्या लाभ है क्लाउड कंप्यूटिंग के?

1. कहीं से भी कर सकते है इसका उपयोग– क्लाउड स्टोरेज देने वाले कुछ एप्लीकेशन जैसे की गूगल ड्राइव, मेगा, माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड की सहायता से आप कभी भी और कहीं भी अपनी फाइल्स को एक्सेस कर सकते हैं। आज के समय में यूजर्स इसका उपयोग बहुत तेजी से कर रहे हैं।

2. ज्यादा से ज्यादा स्टोरेज मिलता है– हमेशा से यूजर्स के पास स्टोरेज से सम्बंधित समस्या आती है इसके लिए यूजर्स अपना डाटा सेव करने के लिए किसी एक्सटर्नल ड्राइव या मेमोरी कार्ड का उपयोग करते हैं।

लेकिन क्लाउड स्टोरेज की सहायता से आप अपने महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट संभाल कर ऑनलाइन सेव रख सकते हैं और इसकी जरुरत पड़ने पर आप इसका उपयोग भी कर सकते हैं।

3. सेटअप करने में आसान होता है– यूजर्स कुछ समय में इसको सेटअप कर एक्स्ट्रा स्टोरेज का लाभ उठा सकते हैं। क्योंकि इसको सेटअप करना बहुत ही आसान है इसका उपयोग करने के लिए यूजर्स को इसमें एक आईडी बनानी होती है और उसका इस्तेमाल कर एक्स्ट्रा स्टोरेज पर यूजर्स अपना एक्सेस पा सकते हैं।

4. यह काफी किफायती होते हैं– क्लाउड कंप्यूटिंग ज्यादा महंगी नहीं होती है। कुछ क्लाउड सर्विस तो आपको मुफ्त में ही थोड़ा बहुत स्टोरेज दे देती है। इनमें ड्रॉपबॉक्स और गूगल ड्राइव जैसी सर्विस शामिल हैं। यूजर्स को इनका उपयोग करने के लिए ज्यादा भुगतान नहीं करना पड़ता है।

क्लाउड कंप्यूटिंग के कुछ अन्य लाभ

  • क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिये आईटी इन्फ्राट्रक्चर की कम लागत आती है।
  • इससे कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की बहुत ही कम आवश्यकता पड़ती हैं।
  • इसका उपयोग करने से मेंटेनेंस की समस्याएं कम आती हैं तथा मेंटेनेंस लागत भी न्यूनतम होती हैं।
  • इसकी सहायता से सॉफ्टवेयर अपडेट में आसानी होती है।
  • क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम और कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच अनुकूलता रहती है।
  • इसके इस्तेमाल से बैकअप एंड रिकवरी में आसानी होती हैं।

क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग के नुकसान

1. सुरक्षा– इसका उपयोग करते वक्त आप अपनी सभी संवेदनशील जानकारी और डाक्यूमेंट्स थर्ड पार्टी को सौंप देते हैं। इन सर्वर को पूरे विश्व में कई सारे यूजर्स एक साथ एक्‍सेस कर रहे होते है ऐसे में सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है।

क्लाउड कंपनी के यूजर्स द्वारा सेव की गयी सभी जानकारी होती है ऐसे में अगर कोई इन्हें वायरस या मैलवेयर के जरिये चुरा ले तो आपके द्वारा सेव किया गया डाटा गलत व्यक्ति के पास पहुँच सकता है।

2. गोपनीयता– क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करते समय इस बात का भी खतरा होता है की कहीं कोई अनाधिकृत व्यक्ति आपकी जानकारी को एक्‍सेस तो नहीं कर रहा। इस जैसी समस्या को दूर करने के लिए यूजर्स वेरिफिकेशन, डाटा एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा का उपयोग करते हैं।

3. इंटरनेट– अगर यूजर्स एक ऐसी जगह पर मौजूद है जहां पर इंटरनेट नहीं पहुंच पाता है तो ऐसी स्तिथि में क्लाउड स्टोरेज की उपयोगिता यूजर्स के लिए ख़त्म हो जाती है। इस तरह की स्थिति में क्लाउड स्टोरेज यूजर्स के किसी काम का नहीं होता है।

ये थी क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी। हमें उम्मीद है जागरूक पर आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी। आगे भी आपके बीच इसी प्रकार की रोचक जानकारी जागरूक के माध्यम से लाते रहेंगे।

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