Home » स्वास्थ्य » क्रिएटिनिन क्या होता है?

क्रिएटिनिन क्या होता है?

आज जानते हैं क्रिएटिनिन क्या होता है (serum creatinine in hindi)। ये तो आप जानते ही हैं कि हमारे शरीर के लिए भोजन का कितना महत्व होता है और हमारे द्वारा ग्रहण किये गए भोजन से बहुत से पदार्थों का निर्माण भी होता है। ऐसा ही एक पदार्थ होता है क्रिएटिनिन (creatinine), जिसका रक्त में उच्च और निम्न स्तर हमारे शरीर की सेहत के बारे में बहुत कुछ बताता भी है। ऐसे में ये जान लेना बेहतर होगा कि इसका हाई और लो लेवल (creatinine level) हमारे शरीर के बारे में क्या कहता है।

क्रिएटिनिन (creatinine) एक ऐसा पदार्थ है जो हर व्यक्ति के ब्लड में और यूरिन में पाया जाता है, यह एक तरह का वेस्ट अर्थात खराब प्रोडक्ट होता है। क्रिएटिनिन टेस्ट द्वारा हमे यह मालूम चलता है कि हमारी किडनी अच्छी तरह से कार्य कर रही हैं। वैसे तो सामान्य स्थिति में, हमारी किडनी स्वयं ही शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में सक्षम होती है। लेकिन कई बार हैल्थ प्रॉब्लम्स इस फंक्शन में रुकावट पैदा कर देती हैं, जो कि क्रिएटिनिन नामक पदार्थ मात्रा में वृद्धि करने लग जाती है।

ऐसे में हमारा यह जानना बहुत ही जरुरी है की क्रिएटिनिन क्या होता है और क्रिएटिनिन लेवल कितना होना चाहिए तो आइये जानते है क्रिएटिनिन लेवल चार्ट के बारे में और साथ ही साथ क्रिएटिनिन का खतरनाक स्तर कितना होता है।

क्रिएटिनिन क्या होता है? (Creatinine kya hai)

‘क्रिएटिन’ एक मेटाबोलिक पदार्थ है जो भोजन को ऊर्जा में बदलने में सहायक होता है और टूटकर एक व्यर्थ पदार्थ ‘क्रिएटिनिन’ में बदल जाता है जिसे किडनी द्वारा ब्लड में छानकर यूरिन के ज़रिये शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।

सामान्य तौर पर किडनी इसे छानकर, ब्लड से बाहर निकाल देती है और फिर यह वेस्ट प्रोडक्ट मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो ये प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं चल पाती और ऐसा होना किडनी के लिए ख़राब संकेत हो सकता है।

क्रिएटिनिन लेवल कितना होना चाहिए? (kidney creatinine level in hindi)

वयस्क पुरुष के ब्लड में क्रिएटिनिन का सामान्य स्तर लगभग 0.6 से 1.2 मिलीग्राम प्रति लीटर प्रति दशमांश (डीएल) होता है जबकि वयस्क महिला में यह स्तर प्रति लीटर प्रति दशमांश 0.5 से 1.1 मिलीग्राम होता है। टीनेजर्स में यह स्तर प्रति लीटर प्रति दशमांश 0.5 से 1.0 मिलीग्राम होता है। बच्चे में यह स्तर प्रति लीटर प्रति दशमांश 0.3 से 0.7 मिलीग्राम होता है।

ब्लड और यूरिन में क्रिएटिनिन के अलग-अलग स्तर पाए जाते हैं इसलिए ‘Creatinine and Creatinine Clearance’ टेस्ट के ज़रिये ब्लड और यूरिन में इसके लेवल की जाँच की जाती है। इन जाँचों के ज़रिये ही किडनी से जुड़ी ये जानकारी मिल पाती है कि किडनी सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।

READ  सबसे अधिक क्षारीय खाद्य पदार्थ

किडनी खराब होने की स्थिति में क्रिएटिनिन की मात्रा यूरिन में कम और ब्लड में ज़्यादा हो जाती है। किडनी में किसी तरह की समस्या होने की स्थिति में ब्लड में क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ जाता है।

ब्लड में क्रिएटिनिन का लेवल अगर कम हो तो ये किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा नहीं करता है बल्कि इससे किडनी के बेहतर स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है।

अगर किडनियां सामान्य रूप से अपना कार्य कर रही होती हैं तो यूरिन में क्रिएटिनिन का लेवल, ब्लड की तुलना में ज़्यादा होता है। क्योंकि ऐसा होने पर यूरिन के ज़रिये इस वेस्ट प्रोडक्ट का निष्कासन होता रहता है।

लेकिन अगर यूरिन में इसका लेवल कम हो जाए और ब्लड में इसका लेवल बढ़ जाए तो ये ज़रूर एक समस्या का संकेत है। समय रहते अपने चिकित्सक से सलाह कर इसका निदान कर लेना ही बेहतर होगा ताकि किडनी को ज़्यादा नुकसान ना पहुंचें और शरीर को फिर से दुरुस्त बनाया जा सके।

क्रिएटिनिन बढ़ने का कारण (creatinine badhne ka karan)

क्रिएटिनिन एक मेटाबॉलिक नामक पदार्थ होता है, जो की हमारे शरीर में आहार को एनर्जी में बदलते समय टूट कर क्रिएटिनिन नामक पदार्थ में बदल जाता है। सामान्यतः वैसे किडनी क्रिएटिनिन को छानकर ब्लड से बाहर निकाल देती है, उसके बाद बचे वेस्ट पदार्थ को यूरीन के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन कई बार स्वास्थ्य सम्बन्धित कुछ समस्या के कारण किडनी क्रिएटिनिन को बाहर नहीं निकल पाती और ब्लड में इसका स्तर बढ़ने लगता है और हमारे शरीर में क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ स्तर किडनी संबंधित बीमारी व समस्याओं की ओर संकेत करता है। हमारे अन्दर क्रिएटिनिन लेवल के बढ़ने के पीछे बहुत सी वजह हो सकती है जैसे की-

  • यदि हमारी किडनी डैमेज हो चुकी है, तो ऐसी स्थिति में हमारी किडनी ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन (Glomerular filtration) के जरिये क्रिएटिनिन को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालने में सक्ष्म नहीं होती है जिस प्रकार किडनी आमतौर पर करती है। आपको बता दें की किडनी के द्वारा फिल्टर हुए फ्लुइड को बाहर निकालने की प्रकिया को ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन कहते हैं।
  • अगर आपको कुछ ऐसी बीमारी या प्रॉब्लम है, जिसके कारण आपकी मसल्स खराब या टूट जाती है तो यह टूटे हुए मसल्स टिशू आपके ब्लड स्ट्रीम में मिल जाते हैं और उसके बाद फिर ये आपकी किडनी से जुड़ जाते हैं और किडनी अपना कार्य सही से नहीं कर पाती है।
  • अपनी डाइट में पके हुए मीट की मात्रा अधिक करने से भी शरीर में क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है।
  • इसके अलावा हमारे थायराइड ग्लैंड (Thyroid gland) में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हमारी किडनी के फंक्शन पर खतरनाक प्रभाव डाल सकती है। जिसके कारण हमारी किडनी सुचारु रूप से अपना कार्य नहीं कर पाती है।
  • जहां तक हो हमें प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। खासकर रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इससे हमारी किडनी को काफी नुकसान हो सकता है।
READ  काला मल आने के कारण

क्रिएटिनिन स्तर को बढ़ने से रोकने के उपाय (serum creatinine kam karne ke upay)

अपने शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर को बढ़ने से रोकने के लिए अपनी जीवनशैली और आहार में कुछ बदलाव करने आवश्यक है जैसे की-

  • जितना संभव हो प्रोटीन की ज्यादा मात्रा का सेवन करने से बचें। इसके लिए आप उन खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें जिनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। जैसे रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स हमारे लिए विशेष रूप से हानिकारक हैं।
  • अत्यधिक मात्रा में सोडियम का सेवन करने से हमारे शरीर में फ्लूइड की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण हाई BP की प्रॉब्लम होने लगती है। जिसके कारण हमारे शरीर में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने लग जाता है। इसलिए हमें उन्ही प्रोडक्ट्स का सेवन करना चाहिए जिसमे सोडियम की मात्रा कम हो।
  • डायबिटीज के अलावा हाई ब्लड प्रेशर (BP) भी हमारी किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला एक कारण हो सकता है। अगर हम अपने BP के लेवल को कंट्रोल में रखेंगे तो इससे हमारी किडनी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।
  • कई बार नींद के दौरान हमारे शरीर के बहुत से शारीरिक कार्य कम या धीमे हो जाते हैं। जिसमे हमारी शरीर की मेटाबॉलिक क्रियाएं भी शामिल हैं। इसके कारण क्रिएटिनिन में परिवर्तन की गति धीमी पड़ जाती है। इसलिए रोजाना कम से कम सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद अवश्य ले।
  • मार्किट में कई ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं, जिनका सम्बंध हाई क्रिएटिनिन लेवल से होता है। ऐसी दवाईयों हमारी किडनी को नुकसान पहुँचा सकती हैं, यह हमारे और हमारी किडनी के लिए खतरे की निशानी बन सकती है। यहां तक कि कई बार किडनी के इलाज के लिए उपयोग में ली जाने वाली दवाइयां भी हमारे लिए समस्या उत्पन्न कर सकती हैं।
  • अगर आपको पहले से ही किडनी से सम्बंधित कोई प्रॉब्लम्स हैं तो ज्यादा दवाइयों के उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें रोजाना उपयोग में लेने से ये किडनी को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए ऐसी दवाइयों का सेवन करने से बचे।
READ  रात को सोने से पहले पानी पीने के फायदे

क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने के कुछ घरेलू उपाय (creatinine ka gharelu upchar)

क्रिएटिनिन लेवल को कम करने के लिए कुछ घरेलू नुस्ख़े भी है जिन्हे आप उपयोग कर सकते है। जैसे की-

  • हर्बल टी क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में काफी फायदेमंद होती है इसलिए आप चाहे तो हर्बल टी का उपयोग कर सकते है।
  • नेट्ल लीफ (बिच्छु बुटी) भी क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में असरदार है आप इसका नियमित सेवन कर सकते है।
  • सैल्विया का उपयोग करें यह क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने में फायदेमंद होता है। सैल्विया एक प्रकार का हर्ब होता है, जो की शरीर में ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन (Glomerular filtration) रेट को बढ़ाने में मदद करता है। सैल्विया में लिथेस्पर्मेट-बी होता है, यह रेनल फंक्शन (renal function) को बढ़ावा देने में मदद करता है।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें क्यों की क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में काफी ज्यादा असरदार होता है।

क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण (creatinine badhne ke lakshan)

क्रिएटिनिन के बढ़ जाने पर तुरन्त अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। क्रिएटिनिन के बढ़ने पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  • यदि आपको मूत्र करने में किसी तरह की परेशानी सामना करना पड़ रहा हो।
  • मूत्र का अचानक से कम या ज्यादा आना
  • यदि आपको मूत्र करते समय मूत्रनली में दर्द या जलन महसूस हो
  • मूत्र करते समय खून का आना
  • हाथ-पैरों में सूजन का आना
  • अधिक थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी आना

उम्मीद है जागरूक पर क्रिएटिनिन क्या होता है (creatinine kya hai, serum creatinine in hindi, what is creatinine in hindi, creatinine meaning in hindi) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी। ये लेख केवल जानकारी के लिए है और ये चिकित्सा सलाह नहीं है। अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

3 thoughts on “क्रिएटिनिन क्या होता है?”

  1. Mera creatinine level 10 hai
    Doctor ne bohut sari dawaiya likh de hai ek din me karib 13 goli lakin jab maine wo tablets ko Google me search keya to sabka use keval body se acid kam karna he yaha
    Or ek tablet me to saff likha bhi hua tha ki kidney problem me na le
    Fir bhi mere nephrologist be mujhe recommend keya meri kamar me halka sa dard bana rehta hai baki or koi symptoms nahi hai body me. Please koi suggestions degiye acha meri age 20 hai or Mera bf 150-170 rehta hai har waqt

Leave a Comment