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दिमाग को ठंडा रखने के उपाय

आइये जानते हैं दिमाग को ठंडा रखने के उपाय (dimag ko thanda rakhne ke upay)। गर्मी के मौसम में गर्म हवाएं और बहता पसीना मन को बेचैन कर देता है। इस मौसम से अगर आप भी बेहाल हो जाते हैं और आपमें चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लगता है तो समझ जाइये कि आपके शरीर के साथ-साथ दिमाग में भी गर्मी बढ़ गयी है जिसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है क्योंकि गर्मी को पित्त का मौसम कहा जाता है यानी इस मौसम में शरीर में पित्त की मात्रा बहुत बढ़ जाती है।

पित्त की ये मात्रा या तो गुस्से के रुप में बाहर निकलती है या फिर डिप्रेशन का रूप भी ले सकती है। बहुत से लोग गर्मी के मौसम में हताश और निराश भी महसूस करने लगते हैं। ऐसे में ये जानना जरुरी है कि गर्मी के मौसम में दिमाग को ठंडा कैसे रखा जा सकता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं ऐसे उपाय, जो आपके दिमाग को ठंडा (dimag thanda) रखने में मदद कर सकते हैं।

दिमाग को ठंडा रखने के उपाय (dimag ko thanda rakhne ke upay)

दिमाग को ठंडक पहुंचाने के लिए आपको अपने आहार में शामिल इन चीज़ों पर गौर करना होगा–

पानी – हमारे दिमाग का लगभग 60% हिस्सा पानी से बना है इसलिए गर्मियों में पानी की भरपूर मात्रा लीजिये वरना दिमाग में पानी की कमी होने से दिमाग गर्म हो जाएगा और उसे ठंडा करना आपके लिए बहुत मुश्किल भी हो सकता है क्योंकि इसका नतीजा सिरदर्द और गुस्सा हो सकता है।

अनाज – गर्मी के दिनों में गेहूं की कम मात्रा का सेवन करना चाहिए क्योंकि गेहूं पित्त को बढ़ाता है। इसकी जगह चावल, जौ और सत्तू का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।

मसाले – गर्मी के मौसम में ऐसे मसालों का सेवन कम से कम करना चाहिए जो पित्त को बढ़ाते हो और उनकी जगह ठंडी तासीर वाले मसालों का सेवन ज्यादा करना चाहिए जैसे सौंफ।

इसके अलावा लहसुन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। साथ ही गर्मी के दिनों में ज्यादा तैलीय और मिर्च-मसालों युक्त आहार से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

धनिया और पुदीना – गर्मी में दिमाग को ठंडक पहुंचाने के लिए धनिये और पुदीने का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए क्योंकि ये दोनों ही दिमाग को ठंडक पहुंचाते हैं।

ग्रीन टी – गर्मी के कारण होने वाला चिड़चिड़ापन, घबराहट और गुस्से से बचना चाहते हैं तो दिन में दो कप ग्रीन टी पीजिये। इसे पीने से मूड अच्छा रहता है और पार्किंसन जैसी बीमारी से बचाव भी होता है।

दूध – गर्मियों में दूध की मात्रा को कम किया जा सकता है क्योंकि इससे पित्त बढ़ता है। इसकी जगह आप दही और छाछ का सेवन ज्यादा करेंगे तो शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहतर रहेगा।

फल और सब्जियां – गर्मी के मौसम में पानी वाले फल और सब्जियां खानी चाहिए जिनमें खीरा, ककड़ी, तरबूज को शामिल किया जा सकता है।

दिमाग को ठंडा रखने के उपाय

अपने आहार में ये सभी बदलाव करने के साथ-साथ योग का अभ्यास भी जारी रखना चाहिए ताकि दिमाग शांत और स्थिर रह सके।

इसके अलावा ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर निश्चित समय पर लेने चाहिए। ऐसा करके आप गर्मी के दिनों को आसानी से गुजार देंगे और आपका दिमाग भी ठंडा-ठंडा, कूल-कूल बना रहेगा।

उम्मीद है जागरूक पर दिमाग को ठंडा रखने के उपाय (dimag ko thanda rakhne ke upay) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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