द्रव्यमान और भार में क्या अंतर होता है?

आइये जानते हैं द्रव्यमान और भार में क्या अंतर होता है। विज्ञान का नाम आते ही आपके मन में कई सवाल आ जाते हैं, की ये क्या हैं, क्यों हैं, कैसे हैं। आज हम जागरूक पर आपको विज्ञान की ही एक पहेली द्रव्यमान (Mass) तथा भार (Weight) के बारे में बतायेंगे की इन दोनों में क्या अंतर है।

द्रव्यमान क्या हैं?

किसी भी वस्तु मैं मौजूद पदार्थ की मात्रा ही द्रव्यमान कहलाता हैं। द्रव्यमान के जरिये उस वस्तु के जड़त्व की माप की जाती है।

किसी भी वस्तु का द्रव्यमान हर परिस्थिति में हर जगह एक समान ही पाया जाता है क्योकि द्रव्यमान हमेशा समान ही रहता है यह कभी नहीं बदलता।

द्रव्यमान हमेशा समान इसलिए रहता है क्योकि यह उस वस्तु का आंतरिक गुण है। द्रव्यमान की SI इकाई किलोग्राम है।

द्रव्यमान एक प्रकार की अदिश राशि होती है इस अदिश राशि से तात्पर्य है की द्रव्यमान दिशा रहित होता है अथार्थ किसी भी जगह, किसी भी दिशा में द्रव्यमान हमेशा समान ही रहेगा कभी नहीं बदलेगा।

चाहे आप चन्द्रमा पर जाकर किसी वस्तु का द्रव्यमान निकालो या उसी वस्तु का अंतरिक्ष में जाकर द्रव्यमान निकालो वह हमेशा समान ही रहेगा।

आइयें समझते हैं की द्रव्यमान समान कैसे रहता है- मान लीजिए की किसी वस्तु का द्रव्यमान पृथ्वी पर 6 किलोग्राम है तो चन्द्रमा पर भी इस वस्तु का द्रव्यमान 6 किलोग्राम ही होगा और अंतरिक्ष में भी 6 किलोग्राम ही होगा।

द्रव्यमान कभी भी शून्य नहीं होता है।

भार क्या हैं?

जब पृथ्वी किसी वस्तु को आकर्षण बल के माध्यम से अपनी ओर खींचती है तो इस वस्तु पर लगा आकर्षण बल ही भार कहलाता हैं।

किसी वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल का परिणाम ही भार होता है। विज्ञान में अंग्रेजी भाषा के “g” अक्षर के माध्यम से इस बल को दर्शाया जाता हैं।

“g” का मान अलग-अलग जगह पर अलग-अलग होता है और इसी कारण भार का मान भी अलग-अलग जगह अलग-अलग होता है। भार की SI इकाई “न्यूटन” होती हैं।

भार एक प्रकार की सदिश राशि होती है जिसके कारण भार दिशा सहित होता है। भार सदैव दिशा पर निर्भर रहता है क्योकि बल जिस दिशा में लग रहा होता हैं उसका मान भी उसी दिशा पर निर्भर रहता है इसके कारण भार हमेशा दिशा पर निर्भर रहता हैं।

आइयें समझते हैं की भार कैसे बदलता रहता है- मान लीजिए किसी वस्तु का द्रव्यमान 6 किलोग्राम हैं और उस वस्तु पर लगने वाले बल का मान (g) 10 है तो धरती पर उस वस्तु का भार- 6*g= 6*10=60 न्यूटन (N) होगा। इसी वस्तु का चन्द्रमा पर भार 6*g/6= 6*10/6= 10 न्यूटन (N) होगा| यहां हमने 6 से भाग इसलिए दिया क्योकि पृथ्वी के मुकाबले चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल 6 गुना कम होता है।

अंतरिक्ष में किसी भी वस्तु का भार शून्य पाया जाता है क्योकि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल नहीं पाएं जाने के कारण यहां बल हमेशा शून्य ही रहता है।

द्रव्यमान और भार में अंतर

द्रव्यमान का मतलब है किसी वस्तु के अंदर कितना द्रव्य मौजूद है। किसी भी वस्तु का द्रव्यमान हमेशा समान ही रहता है। स्थान बदलने से द्रव्यमान नहीं बदलता है। इसकी इकाई किलोग्राम होती है। यह एक अदिश (Scaler) राशि है।

जबकि भार किसी भी वस्तु पर लगा गुरुत्वाकर्रषण बल का परिणाम होता है है। किसी भी वस्तु का भार अलग अलग जगह पर अलग अलग हो सकता है। भार की इकाई न्यूटन होती है। यह एक सदिश (Vector) राशि है।

द्रव्यमान जड़त्व पर निर्भर करता है जबकि भार गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है।

SI प्रणाली में द्रव्यमान इकाई Kg (किलोग्राम) है जबकि भार की इकाई N (न्यूटन) है।

आशा करते है की हम आपको द्रव्यमान तथा भार में पाएं जाने वाले अंतर को समझाने में सहायक हुए होंगे।

उम्मीद है जागरूक पर द्रव्यमान और भार में क्या अंतर होता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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