फास्टैग क्या है?

आइये जानते हैं फास्टैग क्या है। अगर आपके पास भी गाड़ी है तो जागरूक की ये पोस्ट आपके लिए बहुत ही खास है, क्योकि केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने घोषणा की है की 1 दिसम्बर 2019 से सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य होगा चाहे वह कॉमर्सिअल हो या प्राइवेट। टोल प्लाजाओं पर टोल कलेक्शन से सम्बंधित होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ही सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है।

भारत में सबसे पहले वर्ष 2014 में “राष्ट्रीय हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया” द्वारा “इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन” (ETC) सिस्टम शुरू किया गया था जिसे धीरे-धीरे अब पूरे भारत में लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम के द्वारा आपको टोल प्लाजा में टोल टैक्स देने के दौरान होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

फास्टैग के जरिए आप बिना रुके टोल प्लाजा पर टोल टैक्स दें सकेंगे। इसके लिए आपके वाहन पर फास्टैग का लगा होना अनिवार्य है। अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा की ये फास्टैग क्या है और इसका क्या फायदा होगा तो आप परेशान न हो आपके इन्हीं सवालों के जवाब आज हम जागरूक के माध्यम से देंगे। तो आइयें जानते है फास्टैग के बारे में।

फास्टैग क्या है?

फास्टैग “रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID)” टैग होता है जो की वाहन की विंडस्क्रीन पर लगता है। यह फास्टैग आपके बैंक अकाउंट या फिर “नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया” के पेमेंट वॉलेट से लिंक होता है। जिसके द्वारा वाहन के मालिक को टोल टैक्स देने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। टैक्स राशि सीधे वाहन मालिक के बैंक अकाउंट से कट हो जाएगी। जिसका मैसेज वाहन मालिक को प्राप्त होगा।

नेशनल हाइवेज फी (रेट और कलेक्शन निर्धारण) रूल्स, 2008 के अनुसार अगर किसी टोल प्लाजा में फास्टैग लेन, फास्टैग यूजर्स की आवाजाही के लिए रिजर्व है और अगर कोई वाहन मालिक बिना फास्टैग के इस लेन से जाता है तो उससे दोगुनी टैक्स राशि वसूल की जाएगी।

कहाँ से प्राप्त करें फास्टैग और इसे कैसे चालू करें?

फास्टैग सर्टिफाइड बैंकों के जरिये नेशनल हाइवे टोल प्लाजा के पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) के द्वारा और कुछ चुनिंदा बैंकों की शाखाओं के माध्यम से ले सकते है। आप फास्टैग को किसी भी सरकारी बैंक के माध्यम से ऑफलाइन भी ले सकते हैं और इसके अलावा आप ऑनलाइन आवेदन करके भी फास्टैग को प्राप्त कर सकते है।

फास्टैग को ऑनलाइन प्राप्त करने हेतु आपको बैंक की फास्टैग ऐप्लिकेशन वेबसाइट पर जाकर अपनी पूरी डीटेल भरनी होगी। आपका फास्टैग अकाउंट बन जाने के बाद आप इसे मोबाइल ऐप से भी कंट्रोल कर सकते हैं तथा इसे आप अपने बैंक अकाउंट से रिचार्ज भी कर सकते हैं।

फास्टैग एक प्रकार से बैंक न्यूट्रल होता है अर्थात इसे आप जहां से खरीदते है वो इसे चालू नहीं कर के देते है इसे आप अपने बैंक अकाउंट से लिंक करके खुद ही चालू कर सकते है इसलिए यह सेल्फ एक्टिवेटेड होता है। इसके लिए आप अपने मोबाइल से “माय फास्टैग” ऐप डाउनलोड करके उसमें अपने वाहन की डिटेल भर कर स्वयं चालू कर सकते है।

इस ऐप में प्रीपेड वॉलेट की सुविधा भी उपलब्ध है जिसमे आप अपने अकाउंट से प्रीपेड वॉलेट में रुपए ऐड कर सकते है इससे टोल टैक्स आपके बैंक से ना कट कर सीधा प्रीपेड वॉलेट से कटेगा या फिर इसके अलावा आप किसी भी सर्टिफाइड बैंक जाकर फास्टैग खरीद सकते है और उसे अपने बैंक अकाउंट से लिंक करवा सकते है।

किस तरह करें फास्टैग को रिचार्ज?

  • अगर फास्टैग आपके बैंक अकाउंट से लिंक है तो आपको इसे रिचार्ज करवाने की आवश्यकता नहीं है टैक्स की राशि सीधे आपके बैंक अकाउंट से कट हो जाएगी।
  • आप अपने बैंक अकाउंट से अपने प्रीपेड वॉलेट में रुपए ऐड करके भी वॉलेट के जरिये टैक्स की राशि कट करा सकते है।
  • अपने फास्टैग वॉलेट को आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, NEFT या फिर नेट बैंकिंग के जरिये भी रिचार्ज कर सकते है।
  • लिमिटेड केवाईसी फास्टैग अकाउंट होल्डर अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में एक माह में अधिकतम 20 हजार तक की राशि ही ऐड कर सकते है।
  • फुल केवाईसी फास्टैग अकाउंट होल्डर अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में एक माह में अधिकतम 1 लाख तक की राशि ऐड कर सकते है।

फास्टैग लेने के हेतु आवश्यक दस्तावेज

फास्टैग लेते समय आपको एक फॉर्म में अपनी पूरी डिटेल भर कर जमा कराना होता है तथा इसके अलावा कुछ अन्य आवश्यक दस्तावेजों को भी जमा कराना होता है जो की इस प्रकार है-

  • जिस वाहन के लिए फास्टैग लेना है उस वाहन की RC
  • वाहन मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो
  • वाहन मालिक के केवाईसी दस्तावेज और एड्रेस प्रूफ सम्बंधित दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, राशन कार्ड या फिर वॉटर कार्ड आदि
  • वाहन मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस

फास्टैग लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • आप केवल एक वाहन के लिए एक ही फास्टैग ले सकते है एक से अधिक वाहनो के लिए आपको अलग-अलग फास्टैग लेने होंगे।
  • IHMCL की वेबसाइट के अनुसार अगर आप टोल प्लाजा के 10 किलोमीटर के दायरे में रहते है तो आप फास्टैग के द्वारा किये जाने वाले टैक्स भुगतान में छूट का लाभ उठा सकते है इसके लिए आपको बैंक या POS केंद्र में अपना एड्रेस प्रूफ देना होगा जिससे ये साबित हो जाये की आप टोल प्लाजा के 10 किलोमीटर के दायरे में रहते है। एड्रेस वेरिफाई हो जाने के बाद आप इस छूट का लाभ उठा सकते है।

ये सभी सुविधा सरकार ने जनता की भलाई के लिए ही चालू की है ताकि आप और हम टोल टैक्स से होने वाली परेशानी से बच सके। उम्मीद है जागरूक पर फास्टैग से जुड़ी ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। आगे भी आपके बीच इसी प्रकार की रोचक जानकारी जागरूक के माध्यम से लाते रहेंगे।

नकारात्मक सोच से छुटकारा कैसे पाएं?

जागरूक यूट्यूब चैनल