संस्कृत में क्या कहते है इन खाने की वस्तुओं को

आइये जानते हैं संस्कृत में क्या कहते है इन खाने की वस्तुओं को। यह बात तो हम सब जानते हैं की संस्कृत हमारी मुख्य भाषा हुआ करती थी। लेकिन आज के समय में इसका इस्तेमाल शायद ही कुछ लोग करते हो।

तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी रोचक जानकारी देते हैं जो आज से पहले शायद आपको कहीं ना मिली हो। आज हम आपको कुछ खाने पीने की वस्तुओं को संस्कृत में क्या कहते है बताएंगे।

संस्कृत में क्या कहते है इन खाने की वस्तुओं को

समोसा – समोसा तो आपने खूब खाया होगा और आपका पसंदीदा भी होगा लेकिन क्या आप जानते हैं समोसे को संस्कृत में क्या कहते हैं? समोसा को शृङ्गाटकं कहा जाता है।

जलेबी – जलेबी की संज्ञा तो कई मौकों पर दी जाती है और जलेबी बहुत से लोगों की पसंदीदा भी होती है लेकिन हर कोई नहीं जानता की जलेबी को आखिर संस्कृत में क्या कहा जाता है। तो आपको बता दें की जलेबी को सुधा-कुण्डलिका कहा जाता है।

रसगुल्ला – रस से भरा रसगुल्ला बेहद स्वादिष्ट होता है, रसगुल्ले को संस्कृत में रसगोलक कहा जाता है।

खीर – खीर तो लगभग हर घर में बनती ही रहती है लेकिन फिर भी बहुत से लोगों को ये नहीं पता होगा की खीर को संस्कृत में पयास कहा जाता है।

दूध – आपको बता दें की दूध को दोधति कहा जाता है।

आलू पोहा – आलू पोहा तो आपने बहुत खाया होगा लेकिन क्या आपको पता है आलू पोहा को संस्कृत में आलुकं तणकुलक कहा जाता है।

आलूवडा – आलूवडा को अलुकगोलम कहा जाता है।

गुलाब जामुन – गुलाब जामुन को पाटल मधुछद कहा जाता है।

हलवा – हलवा को अलगु कहा जाता है।

नारियल की बर्फी – नारियल की बर्फी को नारिकेलम चतुष्क कहा जाता है।

उम्मीद है जागरूक पर ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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