ग्राफिक डिजाइनिंग क्या है?

अगर आप क्रिएटिविटी को पसंद करते हैं और कंप्यूटर आर्ट वर्क में आपका इंटरेस्ट है तो आप ग्राफिक डिजाइनिंग में एक अच्छा करियर बना सकते हैं। ग्राफिक डिजाइनिंग (Graphic Designing) में आये इस बूम का कारण एनीमेशन का पॉपुलर होना रहा है। आज ग्राफिक डिजाइन में बहुत अच्छा स्कोप है, ऐसे में आपको भी ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़ी ये खास जानकारी जरूर लेनी चाहिए इसलिए आज हम इसी बारे में बात करते हैं।

तो चलिए, आज ग्राफिक डिजाइनिंग के बारे में जानते हैं:–

ग्राफिक डिजाइनिंग में टेक्स्ट और ग्राफिकल एलिमेंट इस्तेमाल किये जाते हैं। इसका सबसे इम्पोर्टेंट काम पेज और बाकी प्रोग्राम्स को सुन्दर और अट्रैक्टिव बनाना होता है। इस आर्ट के जरिये टेक्स्ट और ग्राफिक की मदद से लोगों तक किसी मैसेज को प्रभावी तरीके से पहुँचाया जाता है।

ये मैसेज ग्राफिक्स, ब्रोशर, लोगो, न्यूजलेटर और पोस्टर जैसे किसी भी रुप में हो सकता है। इस डिजाइनिंग में मुख्य रुप से विजुअल से जुड़ी समस्याओं के हल टाइपोग्राफी, फोटोग्राफी और इलस्ट्रेशन (Illustration) की मदद से निकालने होते हैं।

एक ग्राफिक डिजायनर को इस इंडस्ट्री की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा इस फील्ड से जुड़ी लेटेस्ट टेक्निक्स की नॉलेज और प्रोफेशनलिज़्म का होना भी बहुत जरुरी होता है क्योंकि एक ग्राफिक डिजायनर अपने क्लाइंट के लिए क्रिएटिव आयडिया तैयार करता है और उसे सक्सेस तभी मिल सकती है जब उसकी सोच क्रिएटिव (Creative) और इनोवेटिव (Innovative) हो।

ग्राफिक डिजाइनिंग के कई प्रकार होते हैं और हर प्रकार का अपना अलग स्पेशलाइजेशन होता है जैसे:-

1. विजुअल आइडेंटिटी ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – लोगो आदि।

2. मार्केटिंग एंड एडवर्टाइजिंग ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – पोस्टकार्ड्स, पोस्टर्स, बैनर्स आदि।

3. यूजर इंटरफेस ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – वेब पेज डिजाइन, एप डिजाइन आदि।

4. पब्लिकेशन ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – बुक्स, न्यूजपेपर, न्यूजलेटर, मैगजीन्स आदि।

5. पैकेजिंग ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – प्रोडक्ट पैकेजिंग आदि।

6. मोशन ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – एडवरटाइजमेन्ट, ट्रेलर्स, वीडियो गेम्स आदि।

7. एनवायरमेंटल ग्राफिक डिजाइन: उदाहरण – म्यूजियम एग्जीबिशन, इवेंट एंड कांफ्रेंस स्पेसेस, रिटेल स्टोर इंटीरियर आदि।

8. आर्ट एंड इलस्ट्रेशन फॉर ग्राफिक डिजाइनिंग: उदाहरण – टीशर्ट डिजाइन, स्टॉक इमेजेस, वेबसाइट्स, कॉमिक बुक्स आदि।

अगर आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग कोर्स करना चाहते हैं तो 12वीं क्लास पास करने के बाद आप इसमें कई कोर्स कर सकते हैं जैसे डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन।

ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद, आपके पास कई करियर ऑप्शंस होंगे यानी आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार किसी एडवर्टाइजिंग एजेंसी, न्यूजपेपर, मैग्जीन, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या पब्लिक रिलेशन जैसे फील्ड्स में अप्लाई कर सकते हैं।

आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना होगा कि आप ग्राफिक डिजाइनिंग के इस फील्ड में तभी कदम रखें, जब आपका इंटरेस्ट क्रिएटिव काम करने में हो और आप जानते हों कि इस फील्ड में आकर आप बहुत अच्छी परफॉरमेंस दे सकेंगे क्योंकि ये एक क्रिएटिव फील्ड है इसमें वही सफल होगा जिसके पास नए और अनोखे आयडियाज होंगे और जो अपने काम के लिए पैशनेट होगा इसलिए किसी के कहने पर या दोस्तों का साथ देने के लिए ऐसा कोई भी करियर ऑप्शन मत चुनियेगा जो आगे चलकर आपको मुश्किल में डाल दे।

दोस्तों, क्रिएटिविटी का ये फील्ड अनंत संभावनाओं से भरा है और इसमें आकर आप कितने सफल होंगे, ये आपकी क्रिएटिविटी, प्रोफेशनलिज्म और डेडिकेशन से ही तय होगा।

जागरुक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और सही करियर ऑप्शन चुनने में मदद भी कर पायेगी।

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