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हाथ पैर का दर्द दबाने से ठीक कैसे होता है?

आइये जानते हैं हाथ पैर का दर्द दबाने से ठीक कैसे होता है। बदन दर्द हो या हाथ पैर का दर्द, यह समस्या पहले बुज़ुर्गो में ही देखी जाती थी। लेकिन आज की जीवनशैली में इस दर्द से कोई वंचित नहीं है। फिर चाहे वो जवान हो या बच्चे। जरा सी भागदौड़ करते ही अरे यह दुख रहा या उफ यह दर्द, जैसी शिकायत लगभग सभी को है।

कभी-कभी तो यह भी चिंताजनक हो जाता है की चाहे दैनिक आहार में कितना भी अच्छा बदलाव लाओ या अच्छे से अच्छा भोजन करने के उपरांत भी हाथ पैर का दर्द पीछा नहीं छोड़ता। कभी-कभी तो यह दर्द इतना कष्टकर हो जाता है की रोजमरा के काम भी नहीं हो पाते। इसलिए इतना तो आप भी जानते होंगे की रोज-रोज का यह दर्द जरूर किसी कारणवश ही होता होगा। क्योंकि अकारण तो कोई समस्या हो नहीं सकती।

हाथ पैर का दर्द आज की एक आम समस्या है लेकिन इसे अनदेखा ना करे। बल्कि अपनी समस्या को समझे और उसका समाधान करे। अन्यथा यह समस्या आपको समय के साथ रोगी या दुर्बल बना देगी। आइए जाने हाथ पैर में दर्द का मुख्य कारण क्या है?

हाथ पैरों में दर्द का क्या कारण है? – हाथ पैर में दर्द का रोना ना जाने आप कितनी बार रोते होंगे और अक्सर इस दर्द का कारण थकान बताया जाता है। थकान इसका मुख्य कारण है लेकिन इसके अन्य भी कई कारण हो सकते है।

जब हाथ पैर में दर्द होता है तो कोशिकाओं में लैक्टिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है और इस स्तर के बढ़ने का मुख्य कारण होता है अधिक काम या मेहनत करना। कोशिकाओं में लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कुछ यह कारण भी है जिसकी वजह से हाथ-पैर में दर्द होता है।

जैसे नींद में कमी, अधिक चलना, मांश्पेशियों में अकड़न-सिकुड़न या थकान, नस का दूसरी नस पर चढ़ जाना, ब्लड क्लॉटिंग की वजह से गांठ का बनना, तनाव, भोजन में पोष्टिकता की कमी, घुटनों में दर्द, हाथ-पैर या हिप्स में रक्त का सही संचार ना होना, भोजन में मिनरल्स-विटमिन्स-प्रोटीन की कमी, व्यायाम का ना करना, पानी कम पीना, अधिक दवा का सेवन, कोई पुरानी चोट, कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी, शारीरिक कमजोरी, हॉमोर्नल प्रॉब्लम्स, नसों में दर्द या कोई बीमारी भी हाथ-पैर के दर्द का मुख्य कारण हो सकता है।

हाथ पैर का दर्द दबाने से ठीक कैसे होता है?

बहुत हद तक यह दर्द दबाने से ठीक हो जाता है लेकिन कुछ समय के लिए। पूर्ण आराम के लिए आपको इसका स्थाई उपचार करवाना जरूरी है। हाथ-पैर को दबाने से ब्लड-सर्कुलेशन दुरुस्त हो जाता है जिससे कोशिकाओं के समूह में से लैक्टिक एसिड ब्लड के द्वारा विस्थापित होने लगता है और हमें आराम के साथ दर्द से भी राहत मिलती है।

जब रक्त-संचार अवरुद्ध होने लगता है तो हाथ-पैर की मसाज से खून में गर्मी आती है जिससे रक्त पतला पड़ता है और शरीर में पूरी गति से नसों में प्रवाहित होने लगता है। यही कारण है की दबाने से दर्द से मुक्ति मिलती है। लेकिन यह राहत क्षणिक होती है।

हाथ-पैर के दर्द को सही करने के अन्य क्या उपाय है – एक्युप्रेशर से इलाज में समय लगता है लेकिन यह एक अच्छा उपचार है। क्योंकि इसका कोई दुष्परिणाम नहीं है। एक्युप्रेशर चीन की खोज है। पहले हमारे देश में इसका चलन नहीं था लेकिन अब यह उपाय यहाँ भी होने लगे है। एक्यु का अर्थ होता है पॉइंट। यह उपचार आप सबसे पहले किसी अच्छे एक्युप्रेशर एक्सपर्ट से करवाए और समझ कर स्वयं करे।

साफ कंक्रीट पर 10-15 मिनट तक पैदल चले। नहाते वक्त पैरों के तलुवों को ब्रश से 4-5 बार रगडे। सरसों या किसी तेल से हाथ-पैर की मालिश करे। एक्युप्रेशर चप्पलें पैरों के लिए और एक्युप्रेशर रोलर हाथ के लिए। रोजाना कुछ मिनट ताली बजाए। इससे हाथों में रक्त-संचार सही होने लगता है और दर्द ठीक होता है।

तनावरहित नींद लेने का प्रयास करे। पानी, व्यायाम और पोष्टिकता से समझौता ना करे। क्योंकि व्यायाम दर्दनिवारक का काम करता है इससे हाथ-पैर में खिचाव आता है जिससे मांश्पेशियाँ ढीली पड़ने लगती है और रक्त धमनियाँ तेजी से सामान्य अवस्था में आकर लचीली हो जाती है। जिससे हमें महसूस होता है की हमारे हाथ-पैर का दर्द ठीक हो गया।

दर्द को जल्द ठीक करने के चक्कर में अधिक तेज नहीं दबाना चाहिए। हल्के हाथ से दबाए या मसाज करे। अधिक दबाव से मांश्पेशियों को नुकसान पहुँचता है।

दर्द के समय पूरा आराम करे। आराम करने से हाथ-पैर का दर्द ठीक होने लगता है। अधिक चाय-कॉफ़ी का सेवन ना करे। क्योंकि अधिक कैफिन दर्द का कारण बनता है। समस्या गंभीर लगे या हाथ-पैर का दर्द रोज का किस्सा बन जाए तो तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह व उपचार ले।

सलाह – समस्या छोटी हो या बड़ी बस उसका सही उपचार जरूरी है। हाथ-पैर को दबाने से राहत मिलती है इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन कभी भी गलत तरीके से हाथ-पैर को ना मोडे। यह घातक हो सकता है। जब शरीर में लैक्टिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है तो हाथ-पैर को मोडने से कट-कट की आवाज आती है जिससे हमे कुछ आराम मिलने लगता है। लेकिन यह आदत आपकी हड्डियों व मांश्पेशियों को कमजोर बनाती है। दर्द के दौरान शरीर कड़क हो जाता है इसलिए हल्के हाथों से हाथ-पैर की मालिश करे या दबाए।

तकलीफ अधिक होने पर स्वयं के डॉक्टर ना बने बल्कि उचित इलाज के लिए अपने चिकित्सक से सलाह जरूर ले।

उम्मीद है जागरूक पर हाथ पैर का दर्द दबाने से ठीक कैसे होता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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