होम क्या कैसे हांग-साओ तकनीक क्या है?

हांग-साओ तकनीक क्या है?

आइये जानते हैं हांग-साओ तकनीक क्या है। सुनने में ऐसा लगता है कि जैसे ये तकनीक मार्शल आर्ट की कोई टेक्निक होगी लेकिन असल में इसका सम्बन्ध मेडिटेशन से है। मेडिटेशन से मिलने वाले फायदों से तो आप परिचित हैं ही लेकिन मेडिटेशन के बहुत से तरीके होते हैं जिनमें से एक आसान और प्रभावी तरीका हांग-साओ तकनीक है।

ऐसे में आप भी जानना चाहेंगे कि ध्यान की इस तकनीक में क्या विशेष है और इसे करने से किस तरह के लाभ मिल सकते हैं। तो चलिए, आज जानते हैं हांग-साओ तकनीक के बारे में।

हांग-साओ तकनीक क्या है?

हांग-साओ तकनीक क्या है?

मेडिटेशन की इस तकनीक के ज़रिये एकाग्रता की शक्ति का विकास होता है। इसकी विशेषता ये है कि इस हांग-साओ तकनीक का अभ्यास करने के लिए आपको किसी विशेष स्थान और समय को देखने की जरुरत नहीं होती।

आप कहीं भी, कभी भी ये मेडिटेशन कर सकते हैं फिर चाहे आप ऑफिस के ब्रेक टाइम में इसे करिये या चाहे किसी का इंतज़ार करने के दौरान इसका अभ्यास कर लीजिये। इसे करना बहुत आसान है।

इस तकनीक के ज़रिये बाहर की दुनिया से ध्यान हटाना आसान हो जाता है और अपनी पूरी एकाग्रता को एक लक्ष्य पर लगाना संभव हो जाता है। मेडिटेशन के इस प्रकार से तुरंत आंतरिक शान्ति का अनुभव होने लगता है।

शांत साँसें मन को शांत करती हैं जबकि अशांत और तेज़ साँसें मन को भी अशांत बना देती हैं। हांग और साओ संस्कृत के शब्द हैं और इनका अर्थ होता है- ‘मैं आत्मा हूँ।’

ये दो शब्द सांस के अंदर-बाहर आने-जाने के साथ होने वाले कम्पन से सम्बन्ध रखते हैं। ये शब्द सांस पर शांत प्रभाव डालते हैं और सांस पर शांत प्रभाव मन को भी शांत कर देता है।

हॉन्ग साओ मेडिटेशन करने की विधि-

  • आरामदायक मुद्रा का चुनाव करें और कमर सीधी रखते हुए बैठ जाएँ।
  • आँखों को बंद करके अपना पूरा ध्यान माथे पर, आईब्रो के बीच के स्थान पर लगाएं।
  • धीरे-धीरे 8 तक की गिनती करते हुए सांस अंदर लें।
  • 8 तक की गिनती करते हुए सांस अंदर ही रोके रखें।
  • इस दौरान ध्यान ललाट के केंद्र में ही रहे।
  • अब 8 तक गिनते हुए धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • इसी प्रक्रिया को 3 से 6 बार दोहराएं।
  • ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अगली सांस अंदर लेने के साथ मन में कहें- ‘हॉन्ग’, इसे गाते हुए बोलें।
  • इसके बाद साँस बाहर निकालते हुए कहें- ‘साओ’
  • इस दौरान ये अनुभव करें कि आपकी सांसों से होंग और साओ की आवाज़ आ रही है।
  • शुरुआत में जब सांस नाक से अंदर प्रवेश करें, तब इसे अनुभव करें।
  • अपना पूरा ध्यान सांस की इस प्रक्रिया पर केंद्रित करने का प्रयास करें।
  • कुछ देर में जब शरीर और मन स्थिर और शांत हो जाये, तब सांस को नाक में ज़्यादा से ज़्यादा महसूस करने की कोशिश करें।
  • इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपना ध्यान माथे पर ही रखें।

मेडिटेशन हमारे विचलित मन को स्थिर और शांत बनाता है और हांग-साओ तकनीक के ज़रिये मेडिटेशन करना और भी ज़्यादा आसान होता है। तो बस, देर किस बात की!

आप भी इस हांग-साओ तकनीक का अभ्यास करिये और बहुत आसानी से एकाग्रता और मानसिक शान्ति पा लीजिये।

उम्मीद है जागरूक पर हांग-साओ तकनीक क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

दिमाग में नकारात्मक विचार क्यों आते हैं?

जागरूक यूट्यूब चैनल

202,343फैंसलाइक करें
4,238फॉलोवरफॉलो करें
496,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

Subscribe to our newsletter

To be updated with all the latest posts.

Latest Posts

हांग-साओ तकनीक क्या है?

यीशु मसीह कौन है?

आइये जानते हैं यीशु मसीह कौन है। यीशु मसीह या जीसस क्राइस्ट ईसाई धर्म के प्रवर्तक हैं जिन्हें ईसाई धर्म के लोग परमपिता परमेश्वर...