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जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल

आइये जानते हैं जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थलके बारे में (jaipur ke paryatan sthal)। अगर आप राजा-महाराजाओं की जीवनशैली को जानने की इच्छा रखते हैं तो जयपुर शहर आपका स्वागत करता है, जहाँ के महल और किले आपको हैरान कर देंगे और यहाँ की वास्तुकला देख कर भी आप दंग रह जायेंगे।

राजस्थान की राजधानी जयपुर को आमेर के शासक महाराजा जयसिंह द्वितीय ने बसाया था। उन्हीं के नाम पर इस शहर का नाम जयपुर पड़ा। जयपुर को गुलाबी नगरी भी कहा जाता है और इस पिंकसिटी में देखने लायक कई पर्यटन स्थल हैं। तो चलिए, आज आपको जयपुर के इन ऐतिहासिक स्थलों की सैर करवाते हैं (jaipur me kya famous hai)।

जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल (jaipur ke paryatan sthal)

आमेर किला – हिन्दू वास्तुकला का कलात्मक नमूना है आमेर का किला, जिसे महाराजा मानसिंह प्रथम ने बनवाया था। लाल संगमरमर और बलुआ पत्थरों से बने इस चार मंजिला किले में शाही विरासत के तौर पर दीवान-ए-आम, दीवान-ए-ख़ास, शीश महल और सुख निवास जैसे स्थान हैं और शिला माता का प्राचीन मंदिर भी है।

जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल

सिटी पैलेस – सिटी पैलेस राजाओं का तख़्त रहा है जिसमें कई भवन हैं, आँगन, मंदिर और बाग भी हैं। ये महल भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला शैली का बेहतरीन मिश्रण है, जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह द्वितीय ने शुरू करवाया था। इस पैलेस में मुबारक महल, चंद्र महल, महारानी का महल, मुकुट महल और सिटी पैलेस संग्रहालय हैं। सिटी पैलेस के सबसे भीतरी किले चंद्र महल में शाही परिवार के सदस्य रहते हैं।

हवामहल – इस खूबसूरत पांच मंजिला भवन का निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने 1799 में करवाया था। इस महल में हवा आने के लिए 953 खिड़कियां हैं इसलिए इसे हवामहल कहा जाता है। इसे राजपूत महिलाओं के लिए बनवाया गया था। लाल गुलाबी पत्थरों से बने इस महल में पुरातात्विक संग्रहालय भी है।

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जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल

जंतर-मंतर – महाराजा जयसिंह द्वारा बनवायी गयी विश्व की सबसे बड़ी वेधशालाओं में से एक है जंतर मंतर। इस वेधशाला में रखे गए उपकरणों के जरिये खगोलीय गणनायें बड़ी सटीकता के साथ की जाती थी। यहाँ दुनिया की सबसे बड़ी धूपघड़ी भी मौजूद है। इस वेधशाला में मौजूद उपकरण समय को मापने, ग्रहणों की भविष्यवाणी करने, तारों की निगरानी करने और सूर्य के चारों ओर धरती की कक्षा का पता लगाने के लिए लगाए गए थे।

जयगढ़ किला – आमेर की सुरक्षा के लिए बनवाये गए इस किले को ‘विजय किला’ के नाम से भी जाना जाता है। एक गुप्त मार्ग के जरिये आमेर महल से जयगढ़ किले तक पहुंचा जा सकता है। इसमें रखी गयी तोप दुनिया की सबसे बड़ी तोप है। अरावली रेंज में, चील का टीला पर बने इस किले को महाराजा जयसिंह द्वितीय ने 1726 में बनवाया था।

जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल

नाहरगढ़ किला – अरावली की पहाड़ियों के किनारे स्थित इस किले से जयपुर शहर का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। ये किला शिकार के दौरान राजाओं का निवास स्थान हुआ करता था। इस किले को सुदर्शनगढ़ भी कहा जाता है और इसका निर्माण 1734 में महाराजा जयसिंह ने करवाया था।

जल महल – वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है जल महल, जो जयपुर शहर की मानसागर झील के बीच में मौजूद है। इस महल का निर्माण सवाई जयसिंह ने अश्वमेघ यज्ञ के बाद अपनी रानियों और पंडित के स्नान के लिए करवाया था। अब इस महल को पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।

अल्बर्ट हॉल – अल्बर्ट हॉल जयपुर का सबसे पुराना संग्रहालय है, जो इंडो-अरब वास्तुकला के मेल से बना है। यहाँ राजस्थान की शाही परंपरा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज़ को करीब से देखा जा सकता है क्योंकि यह राजस्थान का शासकीय संग्रहालय है।

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गोविंददेवजी मंदिर – जयपुर के आराध्य देव गोविन्ददेवजी का मंदिर सिटी पैलेस के अंदर स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की मूर्ति को जयसिंह द्वितीय वृन्दावन से लाये थे और यहाँ स्थापित करवाया था।

जयपुर में ऐसे कई ऐतिहासिक स्थल, किले और मंदिर हैं जो अपनी गौरव गाथा सुनाते हैं और जिन्हें देखने पर आप महसूस करेंगे कि आप राजा-महाराजाओं के समय में पहुँच गए हैं। इस गुलाबी नगर की फ़िज़ा में घूमकर आप आनंदित हुए बिना नहीं रह पाएंगे।

उम्मीद है जागरूक पर जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल (jaipur ke paryatan sthal, jaipur mein dekhne layak, jaipur ke aitihasik sthal) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आप भी इस पिंकसिटी को करीब से देखने के लिए एक बार यहाँ ज़रूर आना चाहेंगे।

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