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कुपोषण के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

कुपोषण (kuposhan) एक ऐसा शब्द है जिसे आपने कभी ना कभी और कहीं ना कहीं सुना ही होगा। यह किसी बीमारी की तरह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इससे पीड़ित बच्चों में एकाग्रता की कमी होती है। इसकी चपेट में आने का मुख्य कारण (kuposhan ke karan) है शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना।

शरीर में विटामिन ए की कमी होने का मतलब है इसे आमत्रंण देना। वहीं आयोडीन की कम से बच्चों के मानसिक विकास पर गहरा असर पड़ता है। कुपोषण के शिकार बच्चे अपनी उम्र से काफी कम दिखते हैं। वहीं उन्हें चीजें जल्दी समझ में नहीं आती हैं।

कुपोषण के लक्षण (kuposhan ke lakshan) – इसकी चपेट में मौजूद लोग हमेशा थके हुए महसूस करते हैं, उनकी आंखे धंसी होती हैं, उनके शरीर की रोग-पतिरोधक क्षमता यानी कि इम्युनिटी सिस्टम कमजोर रहता है। इसके अलावा उनकी त्वचा और बाल रुखे रहते हैं। मसूड़ों में सूजन, दांतो में सड़न, विकास में कमी, पेट फूलना, ज्यादा रोना, चिड़चिड़ापन और मांस पेशियों में दर्द होना भी इसके लक्षण हैं।

अगर कुपोषण गंभीर परिस्थिति में पहुंच जाए तो उससे हड्डियों-जोड़ों में दर्द, हड्डियों का दिखना, मांसपेशियों में कमजोरी, नाखूनों का अपने आप टूटना, बालों का झड़ना और अचानक से रंग बदलना, भूख का ना लगना, बच्चों का बिना किसी वजह के रोना जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर आपको किसी में इस तरह के लक्षण नजर आते हैं तो उन्हें नजरअंदाज ना करें।

आइये आपको कुपोषण को दूर करने के उपाय बताते हैं जिनकी मदद से आप इस बीमारी को मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं।

कुपोषण से बचने के कुछ घरेलू उपाय (kuposhan se bachav)

  • रात को 50 ग्राम किशमिश पानी में भिगो कर रख दें और सुबह इसे अच्छी तरह से चबाकर खा लें। इस प्रक्रिया को 2-3 महीने नियमित तौर पर करने से तीन महीने में ही कुपोषण मुक्त हो जाएंगे और आपका वजन भी बढ़ जाएगा।
  • अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाएं। दालें प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होती है इसलिए अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा दालों को जगह दें।
  • दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन करने से भी आप कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ सकते हैं। इसके लिए आपको रोजाना 300-500 मिली लीटर दूध पीना होगा।
  • रोजाना एक कटोरी बींस खाना आपकी सेहत के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। रोजाना अखरोट खाने से आपका वजन बढ़ जाएगा। इसमें मौजूद मोनो सैचुरेटिड फैट आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
  • पूरी नींद ना लेने की वजह से आपके शरीर पर प्रभाव पड़ता है साथ ही शरीर थका हुआ महसूस करता है। इसलिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
  • रोजाना 100-200 ग्राम काले भुने हुए चने खाने से भी आप कुपोषण को मात दे सकते हैं। आप चाहें तो इन्हें रात में भिगोकर रख दें और सुखा लें। इससे भी आपको फर्क साफ दिखेगा।
  • कैल्शियम और आयरन की दवाओं को नियमित खाने से भी आप कुपोषण से मुक्ति पा सकते हैं। ये दवाए आप किसी भी सरकारी अस्पताल से मुफ्त में ले सकते हैं।

कुपोषण के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

उम्मीद है जागरूक पर कुपोषण के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय, कुपोषण को दूर करने के उपाय कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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