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लिगामेंट इंजरी क्या है?

आइये जानते हैं लिगामेंट इंजरी क्या है (ligament injury in hindi)। लिगामेंट इंजरी किसी को भी हो सकती है लेकिन अक्सर खिलाड़ियों को इस तकलीफ से गुजरना पड़ता है। सॉकर, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलने वाले खिलाड़ियों में अक्सर घुटने के लिगामेंट चोटिल हो जाते हैं और छोटी-सी लगने वाली ये चोट बहुत तकलीफदेह होती है।

ऐसे में आपको भी लिगामेंट इंजरी के बारे में जरूर जानना चाहिए। तो चलिए, आज आपको बताते है कि लिगामेंट क्या होते हैं (ligament kya hai) और ये कैसे चोटिल हो सकते हैं।

लिगामेंट इंजरी क्या है? (ligament injury kya hai)

लिगामेंट किसे कहते हैं? (Ligament kya hai) – घुटनों को अपनी जगह पर स्थिर बनाये रखने का काम लिगामेंट्स करते हैं। हमारे शरीर में 4 तरह के लिगामेंट्स होते हैं जिनमें से 2  कोलेटरल लिगामेंट्स होते हैं और 2 क्रुशिएट लिगामेंट्स होते हैं।

कोलेटरल लिगामेंट्स में से एक लिगामेंट घुटने के अंदर होता है जबकि दूसरा घुटने के बाहर होता है। ये लिगामेंट्स घुटने की गति को नियंत्रित और संतुलित करते हैं।

क्रुशिएट लिगामेंट्स घुटनों के अंदर पाए जाते हैं जिनमें से एंटीरियर लिगामेंट आगे की तरफ होता है और पोस्टीरियर नीचे की तरफ होता है। ये घुटनों को आगे-पीछे मोड़ने का काम करते हैं।

लिगामेंट्स सॉफ्ट टिश्यू होते हैं और इन लिगामेंट्स के कारण ही हड्डियां एकदूसरे से जुड़ी रहती है लेकिन जब कभी अचानक तेजी से गिरने, ऊंचाई से कूदने  या दबाव पड़ने से लिगामेंट टूट जाते हैं तो घुटनों को मोड़ना बहुत तकलीफदेह हो जाता है।

उम्र बढ़ने के साथ ये समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। कई बार चोट लगने पर हड्डी टूटती नहीं है लेकिन उस जगह पर काफी चोट पहुँचती है। अगर उस हिस्से में सूजन और दर्द रहता है और वो जगह नीली पड़ जाती है तो ये लिगामेंट की इंजरी का संकेत है। सामान्य भाषा में इसे मोच कहा जाता है।

ऐसे में क्या किया जाना चाहिए-

  • लिगामेंट चोटिल होने की स्थिति में उस स्थान पर मालिश ना करें, ना ही गर्म पानी से सेक करें
  • इस चोट पर बर्फ लगाएं
  • घुटने को हार्ट के पास तक ऊंचाई पर रखें
  • घुटने का मूवमेंट ना करें
  • घुटने को सीधा ही रखें
  • डॉक्टर के पास तुरंत जाएं
  • ट्रीटमेंट होने तक खेल या किसी कार्य में भाग ना लें।

इस लिगामेंट इंजरी (ligament injury) को ठीक करने के लिए प्लास्टर बाँधा जा सकता है और गंभीर चोट होने पर सर्जरी भी की जा सकती है  और अब आर्थ्रोस्कोपिक जैसी आधुनिक और दर्दरहित विधि से, बिना चीरफाड़ किये ही लिगामेंट को आसानी से रिपेयर किया जा सकता है।

लिगामेंट इंजरी से बचने के लिए खिलाड़ियों को खेल के दौरान अच्छे फुटवियर्स का चुनाव करना चाहिए और व्यायाम द्वारा पैरों की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बना लिया जाए तो इस तरफ की तकलीफ होने की सम्भावना काफी कम हो सकती है।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि लिगामेंट्स क्या होते हैं और ये मुलायम टिश्यू किस तरह घुटनों को बांधे रहते हैं और लिगामेंट इंजरी के कारण और इससे बचाव के तरीके से भी आप परिचित हो गए हैं।

ऐसे में लिगामेंट इंजरी से खुद का बचाव करें ताकि आपको बेवजह ये दर्द ना सहना पड़े और आप अपने स्वस्थ और मजबूत पैरों से आसानी से दौड़ लगा सके।

उम्मीद है जागरूक पर लिगामेंट इंजरी क्या है (ligament kya hai, ligament injury in hindi, ligament injury kya hai) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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