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लीवर कैंसर क्या है?

आइये जानते हैं लीवर कैंसर क्या है। ये तो आप जानते ही होंगे कि हमारे शरीर का सबसे बड़ा बाहरी अंग हमारी त्वचा होती है लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि हमारे शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग लीवर होता है और हमारे शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि भी लीवर ही होता है जो पेट के ऊपरी दायीं भाग में स्थित होता है। इसे यकृत और जिगर भी कहा जाता है।

शरीर का ये अंग इतना महत्वपूर्ण होता है कि अगर ये अंग काम करना बंद कर दे तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
लीवर रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने, विषैले पदार्थों को अलग करने और ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलने जैसे जरुरी कार्य करता है लेकिन जब लीवर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होना शुरू कर देती हैं तो शरीर का ये अंग कैंसर की चपेट में आ जाता है।

ऐसे में आपको भी शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग में होने वाले कैंसर से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी लेनी चाहिए ताकि आप अपने इस अंग को सुरक्षित बनाये रखने के प्रयास तेज कर सकें। तो चलिए, आज आपको बताते हैं लीवर कैंसर के बारे में।

लीवर कैंसर होने के कारण क्या हैं?

लीवर कैंसर होने की प्रक्रिया भी अन्य अंगों में होने वाले कैंसर के समान ही होती है यानी जब लीवर की कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन होने लगता है तो कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विकसित और विभाजित होने लगती है और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।

लीवर की कोशिकाओं के अनियंत्रित होने के सभी कारण तो अभी तक ज्ञात नहीं है लेकिन ये स्पष्ट है कि हेपेटाइटिस वायरस के क्रोनिक इन्फेक्शन से लीवर कैंसर होने का ख़तरा हो सकता है और कुछ कारण भी लीवर कैंसर का ख़तरा बढ़ा देते हैं, जैसे- विल्सन रोग जैसे आनुवंशिक लीवर रोग होना, लीवर में फैट जमा होना, डायबिटीज होना, सिरोसिस होना, मोटापा होना और ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करना।

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लीवर कैंसर के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं?

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
  • भूख कम लगना
  • कमजोरी और थकान रहना
  • वजन कम होना
  • पेट में सूजन आना
  • त्वचा में पीलापन दिखाई देना
  • आँखें सफेद होना
  • मल में सफेदी दिखना

लीवर कैंसर कितने प्रकार का होता है?

  • हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा (एचसीसी)– लिवर कैंसर का सबसे आम प्रकार है जो मुख्य लीवर सेल्स (हेपैटोसेलुलर सेल) में शुरू होता है।
  • फाइब्रोलामेलर एचसीसी– दुर्लभ प्रकार का एचसीसी जो इलाज के लिए बहुत सेंसिटिव होता है।
  • बाइल डक्ट कैंसर– ये कैंसर पित्त को पित्ताशय से जोड़ने वाली पित्त नलिकाओं में होता है।
  • एंजियोसार्कोमा– रक्त वाहिकाओं में होने वाला ये कैंसर बहुत तेजी से बढ़ता है।
  • लीवर मेटास्टैसिस– शरीर के दूसरे भागों, खासकर कोलन से कैंसर जब लीवर में फैलता है तो लीवर मेटास्टैसिस होता है।

लीवर कैंसर से बचाव कैसे किया जा सकता है?

लीवर कैंसर से बचाव के लिए ये उपाय किये जाने चाहिए-

  • हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाना चाहिए
  • हेपेटाइटिस-सी से बचाव के लिए सुरक्षित सुई से ही इंजेक्शन लगवाना चाहिए
  • सुरक्षित यौन सम्बन्ध ही बनाने चाहिए
  • सिरोसिस (लीवर का घाव) से बचने के लिए शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए
  • वजन को संतुलित बनाये रखना चाहिए

लीवर कैंसर की जाँच कैसे होती है?

  • लीवर कैंसर की जाँच करने के लिए ब्लड में प्रोटीन लेवल की जाँच की जाती है और अगर ब्लड में अल्फा-फेटोप्रोटीन मौजूद हों तो लीवर कैंसर होने की सम्भावना होती है।
  • सीटी स्कैन या एमआरआई– इन स्कैन से लीवर में ट्यूमर की स्थिति, आकार और फैलाव के बारे में डॉक्टर को स्पष्ट जानकारी मिलती है।
  • बायोप्सी– लीवर कैंसर का पता लगाने के लिए लीवर टिश्यू का एक छोटा हिस्सा जाँच के लिए निकाला जाता है।
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लीवर कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है?

लीवर कैंसर का इलाज करने के बहुत से तरीके होते हैं जैसे-

  • लीवर ट्रांसप्लांट– इसमें ख़राब लीवर को स्वस्थ लीवर से बदल दिया जाता है।
  • कीमोथेरेपी– इस थेरेपी में कैंसर सेल्स को नष्ट करने के लिए नसों के जरिये दवाएं पहुँचायी जाती हैं।
  • रेडियेशन थेरेपी– इस थेरेपी में कैंसर सेल्स को नष्ट करने के लिए उच्च ऊर्जा विकिरणों को प्रभावित स्थान पर डाला जाता है।
  • हेपेटेक्टमी– जब कैंसर लीवर तक ही सीमित होता है तब इस सर्जरी के जरिये लीवर का कुछ हिस्सा या पूरा लीवर हटा दिया जाता है।
  • अबलेशन– ऐसे मरीज जिनके सर्जरी या ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सकता, उन मरीजों के लीवर की कैंसर सेल्स को नष्ट करने के लिए इस प्रक्रिया में एथेनॉल के इंजेक्शन या गर्मी का इस्तेमाल किया जाता है।

अब आपके पास शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि यानी लीवर में होने वाले कैंसर से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी आ गयी है इसलिए अपने शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग का ख़याल रखिये और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से मिलिए।

जागरूक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और स्वस्थ बने रहने में सहायक भी साबित होगी।

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