लॉक डाउन क्या है और क्यों जरूरी है ?

आइये जागरूक पर जानते हैं लॉक डाउन क्या है और ये क्यों लगाया जाता है (lockdown kya hota hai)। आज कोरोना वायरस जो की एक महामारी बन चुकी है हर देश के लिए एक समस्या बन चुकी है। पूरे विश्व में इसका असर देखा गया है जिसके कारण कई देशों ने लॉक डाउन कर दिया है और इसी में शामिल है भारत, जिसने कोरोना वायरस के चलते अपने कई राज्यों और जिलों को लॉक डाउन कर दिया है। लेकिन आखिर ये लॉक डाउन होता क्या है और इसको क्यों लागू किया जाता है? कहीं ना कहीं ये सभी सवाल आपके दिमाग में आ रहे होंगे तो आइये जानते है आपके इन्ही सवालों के जवाब।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को उन सभी जिलों को लॉक डाउन करने के आदेश दिए थे जिनमें कोरोना वायरस के पॉजीटिव केस सामने आये थे। ये इसलिए किया गया था ताकि कोरोना वायरस से निपटने और इसके संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इन सभी जिलों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकि सभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई।

लॉक डाउन क्या है?

लॉकडाउन एक तरह की आपातकालीन व्यवस्था है जो सामान्य तौर पर लोगों को अपने घरों में एक निश्चित समय तक रोकने के लिए लागू की जाती है, इसकी घोषणा लोगों को बड़ी आपदाओं से बचाने के लिए की जाती है जैसा की अब विश्व के कई देशों में कोरोना वायरस के कारण हो रहा है लॉकडाउन का अर्थ होता है कि लोग अपने घरों से बिल्कुल बाहर नहीं निकल सकते जब तक कि कोई बेहद जरुरी काम ना हो या फिर कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं हो।

राजस्थान के इतिहास में पहली बार कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन हुआ है और अगर बात करें विश्व की तो सबसे पहला लॉक डाउन अमेरिका में 9/11 हमले के बाद किया गया था।

लॉक डाउन एक एमरजेंसी व्यवस्था होती है। अगर साधारण शब्दों में समझे तो लॉकडाउन’ का अर्थ होता है तालाबंदी, जिस तरह किसी संस्थान या फैक्ट्री को बंद किया जाता है और वहां तालाबंदी हो जाती है उसी तरह जिस किसी छेत्र में लॉक डाउन होता है वहां आप अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर नहीं निकल सकते। इस दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर लोग संबंधित पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य उच्च अधिकारी को फोन कर उनकी सहायता ले सकते हैं।

लॉकडाउन क्यों करते हैं?

किसी देश या राज्य अथवा जिले या फिर किसी भी छेत्र में लॉक डाउन तभी किया जाता है जब कोई आपातकालीन स्थिति हो या फिर किसी आपदा से लोगों को बचाना हो। जैसे कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर और इससे बचने के विश्व के कई देशों में लॉक डाउन किया गया है। ताकि लोग अपने घरों में रहे क्यों की कोरोना वायरस का संक्रमण एक से दूसरे इंसान में फैलता है जिसके लिए यह जरूरी है कि लोग घरों से बाहर ना निकले। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन लागू किया गया है।

लॉक डाउन के दौरान क्या-क्या बंद रहता है?

जब भी किसी छेत्र में लॉक डाउन होता है तो वहां पर स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, मॉल, दुकानें, सिनेमाहाल, धार्मिक स्थल, व अन्य संस्थान बंद रहते हैं। अगर इसके बावजूद ये सभी खुलते है तो इनके खिलाफ कार्यवाही की जाती है।

लॉक डाउन के दौराक्या क्या खुला रहता है?

लॉक डाउन से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं होती है क्यों की इस दौरान राशन, दूध, फल-सब्जी, दवाई की दुकानें जो भी जरुरत की चीजें होती है उन सभी की दूकान खुली रहती है। जैसे की- पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, गैस सिलेंडर की आपूर्ति, बिजली पानी की सेवा, डॉक्टर, अस्पताल, फायर सर्विस, म्यूनिसिपल दफ्त, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक माडिया, बैंक एटीएम, टेलीकॉम सेवाएं इत्यादि पूर्ण रूप से खुली रहती है। यानी कि आपको सामान्य जीवन जीने के लिए तमाम तरह की जरूरी चीजों की आपूर्ति होती रहती है।

कोरोना वायरस के कारण किन-किन देशों में है लॉक डाउन किया गया?

वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण विश्व के कई देशों में लॉक डाउन किया गया है जिनमें भारत सहित चीन, डेनमार्क, लंदन, अमेरिका, अल सलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड और स्पेन इत्यादि देश शामिल है। और अभी हाल ही में इस सूचि में ईरान देश भी शामिल हो गया है।

आपको बता दें की कोरोना वायरस का सबसे पहला केस चीन के वुहान शहर से सामने आया था और धीरे-धीरे ये वायरस चीन में फैलता चला गया जिसके कारण चीन ने सबसे पहले लॉक डाउन करने का फैसला लिया था उसके बाद इटली ने और फिर स्पेन और फ्रांस ने लॉक डाउन का फैसला किया।

कब-कब हुआ लॉकडाउन?

सर्वप्रथम अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन के लिए लॉकडाउन किया गया था। इसके पश्चात दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए वहां पर लॉकडाउन किया था। फिर 19 अप्रैल, 2013 को बोस्टन शहर को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन किया गया था और इसके बाद नवंबर 2015 में पैरिस हमले के बाद वहां पर संदिग्धों को पकड़ने के लिए व 2015 में ब्रुसेल्स में पूरे शहर को लॉकडाउन किया गया था।

लॉक डाउन के दौरान आम जनता को क्या करना चाहिए?

लॉकडाउन करने पर सरकार आम जनता से केवल और केवल यह चाहती है कि लोग एक जगह से दूसरी जगह आवाजाही ना करें और सरकार की व्यवस्था पर अमल करें।

अगर बात करें वर्तमान की तो भारत में अभी जो कई राज्यों में लॉकडाउन किया गया है वो कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाया है। इसलिए सरकार यह कतई नहीं चाहती कि कहीं भी लोगों का जमावड़ा हो या फिर लोग समूह के रूप में एकत्रित हो और लोग बाहर निकलने पर इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के शिकार हो जाए, बल्कि सरकार तो लॉक डाउन के माध्यम से आप सभी को महफूज रखने का काम कर रही है इसलिए हमारा भी कर्तव्य है की हम इस पर अमल करें।

कुछ ऐसी बातें जो लॉक डाउन के दौरान ध्यान में रखने योग्य है:-

  • लॉक डाउन के दौरान किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं होती है।
  • लॉक डाउन के दौरान जिले की समस्त सीमाएं सील कर दी जाती हैं।
  • लॉक डाउन के दौरान जिले की समस्त शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालय, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान बंद रहते है।
  • विकट परिस्थिति से निपटने के लिये जनता से सहयोग की अपील की जाती है।
  • मेडिकल दुकान और हॉस्पिटल को छोड़कर शेष समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। केवल वही संस्थान Open रहते हैं जो जीवन जीने के लिए आवश्यक होते हैं।

जागरूक की अपील:- सरकार द्वारा लॉक डाउन का निर्णय राज्य की जनता को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लिया गया है। जिसका मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घरों और शहरों में ही रहें। जिससे अनावश्यक भीड़भाड़ ना हो और वायरस का प्रसार ना हो पाए। इसलिए हम सभी का ये कर्तव्य है की हम एक अच्छे नागरिक की तरह इस का पालन करें और कोरोना से लड़ने में देश का समर्थन करें, धन्यवाद।

लॉक डाउन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न:-

  1. प्रश्न:- क्या लॉकडाउन के दौरान सब्जी, दूध और ज़रूरी दुकानें खुली रहती है ?
    उत्तर:- दूध, सब्जी, किराना और दवाओं की दुकानें लॉकडाउन के दायरे से बाहर होती हैं, लेकिन इन सभी दुकानों पर बेवजह भीड़ लगाने पर कार्यवाही की जा सकती है।
  2. प्रश्न:- क्या रेस्टोरेंट खुले रहते ? क्या आप खाना ऑर्डर कर सकते हैं ?
    उत्तर:- लॉकडाउन के दौरान रेस्टोरेंट तो खुले रहते है लेकिन आप वहां जाकर खाना नहीं खा सकते हैं। लेकिन, आप खाना ऑर्डर कर सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल के जरिये या फिर फ़ोन के जरिये। हालांकि ये भी प्रशासन तय करता है कि कौन-कौन से रेस्टोरेंट खुले रहेंगे और कौन से नहीं।
  3. क्या लॉकडाउन के दौरान अस्पताल जा सकते हैं ?
    उत्तर:- हां, बिल्कुल आप लॉकडाउन के दौरान अस्पताल जा सकते हैं, बस इसमें आप यह खयाल रखिए की अगर आपको कोई हल्की समस्या है तो आप फोन के जरिए अपने किसी परिचित डॉक्टर से संपर्क कर सकते है और अगर समस्या ज्यादा है तो घर से बाहर निकलें।

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