लंग कैंसर क्या है?

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आइये जानते हैं लंग कैंसर क्या है। हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक हमारे फेफड़े हैं जो श्वसन प्रक्रिया का अभिन्न अंग होते हैं और श्वसन प्रकिया को सही तरीके से चलाने में इनका बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है।

लंग कैंसर क्या है?

जब किसी कारण से फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती है और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं तो फेफड़ों में कैंसर (लंग कैंसर) हो जाता है।

इस कैंसर को साइलेंट कैंसर भी कहा जाता है क्योंकि ये धीरे-धीरे व्यक्ति की जान ले लेता है। ऐसे में आपको भी लंग कैंसर से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी लेनी चाहिए ताकि आप शरीर के इस अंग के प्रति सजग रह सकें। तो चलिए, आज आपको बताते हैं लंग कैंसर के बारे में।

लंग कैंसर कितने प्रकार का होता है?

लंग कैंसर 2 प्रकार का होता है-

नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) – 80 प्रतिशत लंग कैंसर इसी प्रकार का होता है।

स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC) – बाकी 20 प्रतिशत लंग कैंसर इस प्रकार का होता है।

लंग कैंसर के कारण क्या होते हैं?

  • धूम्रपान – सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में लंग कैंसर का ख़तरा बहुत अधिक रहता है। इतना ही नहीं, दूसरे व्यक्ति द्वारा किये गए धूम्रपान के संपर्क में आने पर भी कैंसर का ख़तरा काफी बढ़ जाता है क्योंकि उस धुंए से कोशिकाओं को क्षति होती है।
  • कार्सिनोजन्स का शरीर में जाना – आर्सेनिक,एस्बेस्टस,गामा किरणें,एक्स-रे, कार के ईंधन से निकलने वाला धुआँ कार्सिनोजन्स के उदाहरण होते हैं। कार्सिनोजन्स ऐसे पदार्थों का वर्ग होता है जो सीधे डीएनए को क्षति पहुंचाता है और फेफड़ों के कैंसर का ख़तरा बढ़ाता है।
  • फेफड़ों के रोग – टीबी और सीओपीडी जैसे फेफड़ें के रोग भी कैंसर का ख़तरा बढ़ा सकते हैं।
  • वायु प्रदूषण – लम्बे समय तक दूषित हवा में रहना भी फेफड़ों में कैंसर का कारण बन सकता है।
  • फैमिली हिस्ट्री – अगर नजदीकी फैमिली मेंबर्स में से किसी को इस तरह का कैंसर कभी रहा हो तो इसकी सम्भावना बढ़ जाती है।

लंग कैंसर के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं?

लंग कैंसर होने पर कई मामलों में कोई लक्षण दिखाई ही नहीं देता है जबकि बहुत से मामलों में इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  • साँस लेने में तकलीफ होना
  • ज़ोर ज़ोर से सांस लेना
  • खांसी होना
  • सीने में दर्द होना
  • खांसी के साथ खून आना
  • निगलने में कठिनाई होना
  • कंधे में दर्द होना
  • सीने और पेट में दर्द होना
  • साँस में सीटी जैसी आवाज़ आना

लंग कैंसर के कितने चरण होते हैं?

नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर के चरण-

चरण 1 – जब ट्यूमर केवल एक फेफड़ें तक सीमित होता है।

चरण 2 – जब कैंसर फेफड़ों के आसपास स्थित लिम्फ नोड तक पहुँच जाता है।

चरण 3 – इस चरण के 2 भाग होते हैं-

  • A – जब कैंसर संक्रमित फेफड़े की तरफ स्थित श्वास नली और डायफ्राम के आसपास स्थित लसिका नोड्स में फैल जाता है।
  • B – जब कैंसर दूसरे फेफड़े या गर्दन में स्थित लसिका नोड्स में फैल जाता है।

चरण 4 – जब कैंसर फेफड़ों के बाकी भाग और पूरे शरीर में फैल जाता है।

स्मॉल सेल लंग कैंसर के चरण-

1. सीमित स्तर – इस स्तर में कैंसर का ट्यूमर एक फेफड़ें और उसके आसपास के लिम्फ नोड्स में फैलता है।
2. व्यापक स्तर – इस स्तर में कैंसर का ट्यूमर दूसरे फेफड़ें और शरीर के बाकी हिस्सों को भी प्रभावित कर देता है।

लंग कैंसर से बचाव के लिए क्या किया जा सकता है?

  • धूम्रपान से दूरी बनाना बहुत जरुरी है। इसके लिए निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेनी चाहिए।
  • सेकंड हैंड स्मोक से बचना जरुरी है इसलिए ऐसे लोगों से दूर रहें जिन्हें धूम्रपान की लत हो।
  • सप्लीमेंट्स लेने की बजाये फल और सब्जियों से युक्त पौष्टिक आहार लें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।

लंग कैंसर के निदान के क्या तरीके होते हैं?

लंग कैंसर की स्थिति के अनुसार निदान के कई तरीके इस्तेमाल किये जाते हैं जिनमें एक्स रे, ब्रोंकोस्कोपी, सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन, पीईटी स्कैन, बायोप्सी शामिल है।

निदान के बाद लंग कैंसर की स्थिति, प्रकृति और मरीज की शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और टार्गेटेड ड्रग थेरेपी में से कोई एक या एक से अधिक प्रकारों का इस्तेमाल करके उपचार किया जाता है।

अब आपके पास लंग कैंसर से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी आ गयी है और इसका सबसे बड़ा कारण भी आप जान चुके हैं जो धूम्रपान करना और धूम्रपान करने वालों की संगत में रहना है।

ऐसे में जल्द से जल्द इस ख़तरनाक कारण से दूरी बना लीजिये और बाकी सभी कारणों और लक्षणों पर भी जरूर गौर करें ताकि सेहत को सुरक्षित रखा जा सके और रोग की स्थिति बनने पर समय रहते उसका उपचार कराया जा सके।

जागरूक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और अपनी सेहत के प्रति जागरूक बनने में आपकी मदद भी कर पाएगी।

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