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मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल

आइये जानते हैं मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल के बारे में। भारत के मध्य प्रदेश राज्य को ‘भारत का हृदय’ कहा जाता है क्योंकि यहाँ का इतिहास, संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्रकृति का अद्भुत सौन्दर्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

ये राज्य देशी और विदेशी सैलानियों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बना हुआ है और मध्यप्रदेश को भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में से एक गिना जाता है। इस राज्य ने मौर्य, राष्ट्रकूट और गुप्त वंश से लेकर बुन्देल, होल्कर, मुग़ल और सिंधिया जैसे राजवंशों के उत्थान और पतन को करीब से देखा है।

इन राजवंशों की कला और वास्तुशैली का मिश्रण इस राज्य की ऐतिहासिक धरोहर में झलकता है। ऐसे में क्यों ना, आज मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में जानें। तो चलिए जागरूक पर आज मध्य प्रदेश की सैर पर चलते हैं।

मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल

साँची – साँची भले ही मध्यप्रदेश के रायसेन जिले का एक छोटा सा गाँव है लेकिन यहाँ स्थित स्तूप विश्वभर में अपनी पहचान रखते हैं। ये स्तूप ईसा पूर्व की तीसरी शताब्दी से लेकर बारहवीं शताब्दी पुराने माने गए हैं। साँची एक टीले की तराई में स्थित है और साँची का प्रसिद्ध स्तूप मौर्य सम्राट अशोक ने बनवाया था।

साँची के इन प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप, मठ, स्तम्भ और पवित्र मंदिरों को देखने के लिए आपको मध्यप्रदेश की यात्रा के दौरान साँची जरुर जाना चाहिए।

मांडू – इंदौर से 99 किमी. दूर स्थित है मांडू, जो विंध्य की पहाड़ियों में 2000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ये स्थान राजा और कवि रहे बाजबहादुर और उनकी प्रियतमा रानी रूपमति के प्रेम का साक्षी है जिनके प्रेम की गाथाएं मालवा के लोक गीतों में भी सुनाई देती है।

ये स्थान मालवा के परमार राजाओं की राजधानी रहा था जिसका नाम बदलकर मालवा के सुल्तानों ने शादियाबाद यानी खुशियों का शहर रख दिया था और इस स्थान पर इतने खूबसूरत पर्यटन स्थल है जिन्हें देखकर आप को भी लगेगा कि वाकई मांडू खुशियों का शहर ही है।

यहाँ जहाज महल, हिंडोला महल, शाही हमाम, जामा मस्जिद, होशंगशाह के मकबरे जैसे बहुत से दर्शनीय स्थल हैं। यहाँ के महल और झील इस स्थान का माहौल हमेशा खुशनुमा बनाये रखते हैं।

धुआँधार प्रपात – धुआँधार प्रपात मध्य प्रदेश के जबलपुर के निकट स्थित एक बहुत ही सुन्दर जल प्रपात है जिसकी ऊंचाई 30 मीटर है। भेड़ाघाट में जब नर्मदा नदी की ऊपरी धारा विश्व प्रसिद्ध संगमरमर के पत्थरों पर गिरती है, तो पानी की छोटी बूँदों से एक धुएँ जैसा झरना बन जाता है, इसी कारण इसका नाम ‘धुआंधार प्रपात’ रखा गया है।

यह प्रपात नर्मदा नदी का जल प्रपात है, जो जबलपुर से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। धुआँधार प्रपात अपनी शांति और सुन्दर दृश्यावली से पर्यटकों का मन मोह लेता है।

उज्जैन – इंदौर से 55 किमी. दूर स्थित उज्जैन शहर का ऐतिहासिक नाम उज्जैयनी था जिसका अर्थ होता है गौरवशाली विजेता। शिप्रा नदी के तट पर स्थित इस शहर के बारे में माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंदें उज्जैयनी में भी गिरी थी इसलिए कुम्भ स्नान के लिए पवित्र चार स्थानों में से एक उज्जैन भी है।

ये प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों का शहर है जहाँ महाकालेश्वर मंदिर विशाल शिवलिंग और स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही बड़े गणेश जी का मंदिर, चिंतामन गणेश, पीर मत्स्येन्द्रनाथ, भृतहरि की गुफाएं, कालियादेह महल, काल भैरव और नवग्रह मंदिर भी स्थित है। यहाँ कालिदास अकादमी और वेधशाला भी है।

पचमढ़ी – मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी है जो सतपुड़ा की रानी या क्वीन ऑफ सतपुड़ा के नाम से मशहूर भी है। सतपुड़ा की श्रेणियों में स्थित पचमढ़ी 1110 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ स्थित धूपगढ़ मध्य भारत का सबसे ऊँचा बिंदु है।

तश्तरी के आकार का ये हिल स्टेशन सैनिक छावनी के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ की सैर करते हुए आपको प्राचीन गुफाएं, स्मारक, जलप्रपात और प्रकृति का अद्भुत सौन्दर्य देखने को मिलेगा।

इंदौर – इंदौर के शानदार महल, स्मारक और धार्मिक स्थल पर्यटकों को बहुत लुभाते हैं इसलिए प्राकृतिक सौंदर्य वाले इस शहर को मध्यप्रदेश का दिल कहा जाता है।

यहाँ घूमने के लिए बहुत से पर्यटन स्थल हैं जैसे – रजवाड़ा पैलेस, बीजासन टेकरी, कृष्णपुरा छत्री, मेघदूत उपवन, अन्नपूर्णा मंदिर, कमला नेहरू पार्क, खजराना गणेश मंदिर, महात्मा गाँधी हॉल और भी बहुत कुछ।

ग्वालियर का किला – गोपांचल पर्वत पर स्थित ग्वालियर किले की वास्तुकला अद्वितीय है जिस पर चीनी वास्तुकला का प्रभाव दिखाई देता है। लाल बलुआ पत्थर से बना ये जिला शहर की हर दिशा से दिखाई देता है। इस किले की ऊंचाई 350 फीट है। वर्तमान में ये दुर्ग पुरातात्विक संग्रहालय का रुप ले चुका है।

पर्यटन के लिए मध्य प्रदेश एक बेहतरीन विकल्प है जहाँ भोपाल, चन्देरी, धार, शिवपुरी, महेश्वर, जबलपुर, अमरकंटक और खजुराहो जैसे ऐतिहासिक स्थल भी मौजूद हैं इसलिए इतने खूबसूरत और भव्य पर्यटक स्थलों की सैर करने के लिए मध्य प्रदेश की यात्रा का प्लान जरुर बनाइये।

उम्मीद है जागरूक पर मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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