Home » स्वास्थ्य » मांसपेशियों में दर्द के कारण और उपचार

मांसपेशियों में दर्द के कारण और उपचार

आइये जानते हैं मांसपेशियों में दर्द के कारण और उपचार (maspeshiyo me dard ka karan aur upchar)। इस भागमभाग वाली जिंदगी में मांसपेशियों में दर्द (muscles pain) आज के समय की बहुत ही आम समस्या है जो किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकती है। चिकित्सक के अनुसार मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है तब यह दर्द पैदा होता है।

इस दर्द के और भी कई कारण बताए जाते है जैसे कोई चोट, सूजन, दुर्घटना, शारीरिक कमजोरी, भूख ना लगना, अनिद्रा, अधिक उठना-बैठना, ज्यादा सीढ़ियों का इस्तेमाल, तेज़ी से भागना, हार्ट-बीट का तेज होना, तनाव, चिंता, अधिक दवाओं का सेवन या कोई बीमारी आदि। यह दर्द सभी व्यक्ति में समान रूप से हो यह जरूरी नहीं है। किसी-किसी व्यक्ति को यह दर्द कुछ समय के लिए होता है तो किसी को बहुत लंबे समय तक।

माना जाता है अधिक व्यायाम करने से भी मांसपेशियों में दर्द पैदा हो जाता है जिससे शरीर को ज्यादा ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती है और इस जरूरत की पूर्ति मांसपेशियों में अवायुश्वसन से होता है जिससे शरीर में लेक्टिक एसिड जमा होने लगता है और इसी लेक्टिक एसिड की वजह से मांसपेशियों में दर्द, अकड़न (maspeshiyo me jakdan), खिचाव (naso me khichao) या थकान जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है।

वैसे तो कुछ समय के अंतराल में यह एसिड अलग-अलग हो जाता है और मांसपेशियों का दर्द ठीक हो जाता है लेकिन कभी-कभी इसमें कुछ दिनों का समय भी लग जाता है। आइये पहले संक्षिप्त में इस दर्द के कुछ मुख्य कारणों को भी जाने और फिर कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपाय (muscles pain ka desi ilaj) को समझे जिससे इस समस्या से निजात पाई जा सके।

मांसपेशियों में दर्द का कारण (maspeshiyo me dard ka karan)

  1. मलेरिया, चिकनगुनिया या डेंगू का होना
  2. कोई गंभीर नई या पुरानी चोट
  3. अधिक शारीरिक श्रम
  4. क्षमता से अधिक वजन का उठाना
  5. अचानक से शरीर के किसी अंग का मूड़ जाना
  6. गलत खान-पान और जीवनशैली
  7. संक्रमण
  8. शरीर में कैल्शियम या पोटेशियम की कमी
  9. ब्लड सर्कुलेशन का बराबर ना होना
  10. रियेक्शन

अब शरीर में अगर कोई समस्या है तो निश्चित रूप से उसका कोई कारण भी है। यह कारण शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर के हो सकते है। मांसपेशियों में दर्द के कारण को समझे और उपाय करे।

मांसपेशियों में दर्द का उपचार (muscles pain ka desi ilaj)

  1. हाईड्रेशन – खूब पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते है जिससे डीहाईड्रेशन का डर नहीं रहता। क्योंकि डीहाईड्रेशन मांसपेशियों के दर्द को असहनीय पीड़ादायक बना देती है।
  2. सिकाई करे – दर्द की स्थिति में ठंडे या गर्म पानी से सिकाई करे। गर्म पानी के स्नान से भी मांसपेशियों के दर्द में आराम आता है। अगर आपको सूजन महसूस हो रही हो तो बर्फ के टुकड़ों को पतले कपड़े में लपेटकर सिकाई करे इससे दर्द और सूजन दोनों कम होगा।
  3. मालिश – मालिश से नसों और मांसपेशियों में गर्मी आती है जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और लेक्टिक एसिड को दूर करता है। जब तेल दर्द वाले हिस्से में जाता है तो दर्द भी कम होता है। मालिश के लिए पीपरमेंट, अदरक, पाइन, सरसों, लेवेंडर आदि तेल का प्रयोग किया जा सकता है। मालिश किसी अनुभवी से ही करवाए जैसे मसाज पार्लर।
  4. सेब का सिरका – एक गिलास पानी में एक-एक चम्मच सिरका और शहद मिलाए और कुछ पत्ते पुदीने के डालकर पिए। आप पानी में सिर्फ सिरका डालकर भी पी सकती है। दोनों ही तरीकों में सिरका की मात्रा समान ही रहेगी। इससे मांसपेशियों के दर्द में बहुत राहत मिलेगी।
  5. मिर्च या अदरक – लाल मिर्च में कैप्सैसिन पाया जाता है जो दर्द से राहत दिलाने में सहायक है। इसलिए इसे जैतून या नारियल तेल में लाल मिर्च पाउडर की एक चम्मच मिलाकर अच्छे से गर्म करके ठंडा करे फिर दर्द वाले हिस्से पर हल्के हाथों से लगाए। अदरक में दर्द निवारक प्राकृतिक गुण होते है। इसलिए मांसपेशियों के दर्द में अदरक के रस को गुनगुने तेल में मिलाकर या अदरक के पेस्ट को दर्द की जगह लगाने से दर्द, सूजन और तनाव से राहत मिलती है।
  6. प्रोटीन और मैग्नीशियम युक्त आहार – अधिक शारीरिक श्रम के बाद मसल्स को प्रोटीन की खुराख की जरूरत पड़ती है जिससे शरीर में एनर्जी का स्तर बना रहे। इसलिए अपने आहार में नेचुरल प्रोटीनयुक्त को रोजाना शामिल करे। मैग्नीशियम की कमी से भी मसल्स में दर्द शुरू हो जाता है इसलिए ध्यान रखके अपने दिनभर के आहार में गुड, पालक, कद्दू, तिल, अलसी व सूरजमुखी के बीज, बादाम, काजू, काली बीन्स, आदि को शामिल करे।
  7. स्ट्रेचिंग करे – यह सही है मांसपेशियों के दर्द में स्ट्रेच करना बहुत ही मुश्किल है लेकिन आप अपनी सहनशक्ति अनुसार कुछ मिनट स्ट्रेच जरूर कीजिए। अगर दिनचर्या में ही रोजाना व्यायाम को शामिल कर लिया जाए तो मांसपेशियों के दर्द से निजात पाया जा सकता है। क्योंकि स्ट्रेचिंग करने से शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है जिससे दर्द ठीक हो जाता है। छोटी-छोटी तकलीफ में दवाईयों का सेवन कम से कम करे।
  8. कॉफी – अधिक कसरत के बाद होने वाले दर्द को यह अपने उत्तेजक गुणों के चलते सही करने में बहुत ही सहायक है।
  9. फल – अंगूर, ब्लुबेरी, चेरी, अनार, जामुन में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो हाथ-पैर की मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने में बहुत सहायक होता है।
  10. मोटापा – मांसपेशियों के दर्द में मोटापा एक बहुत बड़ा कारण है। इसलिए अपने मोटापे को कंट्रोल करे।

अधिक दर्द की स्थिति में अपने शरीर को पूरा आराम दे। भारी चीज को उठाने से बचें। तनाव ना ले बल्कि नींद लेने की पूरी कोशिश करे। क्योंकि अच्छी नींद के बाद कई बार दर्द से मुक्ति मिल जाती है।

शरीर में तकलीफ छोटी हो या बड़ी दोनों ही स्थिति में लापरवाही सही नहीं है यह तकलीफ किसी बड़ी बीमारी के संकेत भी हो सकते है। इसलिए समस्या बढ़ने से पहले ही अपने डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज करवाए।

स्वास्थ्य संबंधी समस्या में लापरवाही किसी भी लिहाज से उचित नहीं हैं। इसलिए सदा एक्टिव रहें। कहा जाता है कि व्यक्ति के एक्टिव रहने से उसके कई रोग दूर हो जाते हैं। क्योंकि सक्रियता आपके जीवन को नियंत्रित करती है। जिससे कई बीमारियां आपसे दूर रहती है।

अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करते हुए आज से ही अपनी सेहत के प्रति सक्रियता और खुशी को अपनाएं और शारीरिरक दर्द से दूर रहें।

उम्मीद है जागरूक पर मांसपेशियों में दर्द के कारण और उपचार (maspeshiyo me dard ka karan aur upchar) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी। ये लेख केवल जानकारी के लिए है और ये चिकित्सा सलाह नहीं है। अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

दिमाग में नकारात्मक विचार क्यों आते हैं?

जागरूक यूट्यूब चैनल

Leave a Comment