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नोबेल पुरस्कार के बारे में कुछ रोचक जानकारी

आइये जानते हैं नोबेल पुरस्कार के बारे में कुछ रोचक जानकारी। नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे बड़ा सम्मानित पुरस्कार है जिसे अल्फ्रेड नोबेल की याद में हर साल नोबेल फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है। अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर 1833 में हुआ। अल्फ्रेड नोबेल ने अपने जीवन में कुल 355 आविष्कार किए। जिसमें डायनामाइट आविष्कार भी शामिल है।

1888 में नोबेल ने एक फ्रेंच अख़बार में एक आर्टिकल पढ़ा। उस लेख का शीर्षक था ”मौत के सौदागर की मौत।” जबकि मृत्यु उनके 8 वर्षीय भाई की हुई थी। उस लेख ने नोबेल की अंतरात्मा को झंझोर के रख दिया और वे इस विचार से आशंकित हुए की संसार उन्हें किस कारण से याद रखेगा।

तभी उन्हें अपनी वसीयत लिखने की प्रेरणा मिली की ”मेरी संपत्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट के नाम कर दिया जाए और इस पैसे के ब्याज से उन लोगों को सम्मानित किया जाए जो मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। स्वीडिश बैंक अल्फ्रेड नोबेल की इस जमा राशि के ब्याज से प्रतिवर्ष नोबेल फाउंडेशन की तरफ से शांति, साहित्य, भौतिक, रसायन, चिकित्सा और अर्थशास्त्र में सर्वोच्च योगदान के लिए लोगों को नोबेल पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित करती है।

इन्होंने अपनी वसीयत मृत्यु से कुछ समय पहले 1895 में लिखी थी। इनके घर वाले इनकी वसीयत के पक्ष में नहीं थे और 10 दिसंबर 1896 में मस्तिष्क रक्तस्त्राव के कारण अपने घर इटली में स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल का निधन हो गया।

नोबेल पुरस्कार के बारे में कुछ रोचक जानकारी

1. वसीयत नामे के अनुसार नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1901 में हुई।
2. अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि यानी हर साल 10 दिसंबर को ही नोबेल पुरस्कार दिया जाता हैं। लेकिन नोबेल अवार्ड विजेताओं की घोषणा एडवांस में कर दी जाती हैं।
3. शांति नोबेल पुरस्कार को छोड़कर सभी क्षेत्रों के नोबेल पुरस्कार को स्टॉकहोम (स्वीडन) में और शांति नोबेल पुरस्कार को ओस्लो (नॉर्वे) में प्रदान किया जाता है।
4. नोबेल पुरस्कार अधिकतम 3 लोगों को एक क्षेत्र में दिया जा सकता है।
5. शुरू में नोबेल पुरस्कार पाँच क्षेत्रों में ही दिया जाता था। 1968 में अर्थशास्त्र को इसमें जोड़ा गया।
6. स्वीडिश अकादमी समिति ही इस बात का निर्णय लेती है की कब, कौन सा पुरस्कार, किसे दिया जाएगा।
7. 1903 भौतिकी में और 1911 में रसायन विज्ञान में दो अलग-अलग क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार को अपने नाम करने वाली मैरी क्यूरी एकमात्र महिला हैं।
8. हर साल दिए जाने वाले इस सम्मान के साथ एक स्वर्ण पदक, एक डिप्लोमा और नोबेल फाउंडेशन द्वारा तय की गई धन राशि प्रदान की जाती है। एक से अधिक विजेता एक ही क्षेत्र में होने पर यह धन राशि बराबर बाँट दी जाती है।
9. अहिंसा की ताकत से भारत को आजादी दिलाने वाले गाँधी जी एकमात्र ऐसे व्यक्ति है जिनका नोबेल पुरस्कार के लिए पाँच बार नामांकन हुआ। जिसमें दो बार उनके नाम का चयन भी हुआ। लेकिन चयन समिति हर बार कोई कारण बता देती जैसे अत्यधिक राष्ट्रवादी। फिर 1948 में गाँधी जी की हत्या हो गई। अप्राकृतिक मौत शायद चयन समिति का मुख्य कारण हो।
10. 1974 में नोबेल चयन समिति ने इस नियम को पारित किया की मरणोपरांत किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। प्रथम विश्वयुद्ध 1914-18 और 1939-45 द्वितीय विश्वयुद्ध के वक्त नोबेल पुरस्कार किसी को नहीं दिया गया।
11. 1901 में एक्स-रे की खोज के लिए भौतिकी क्षेत्र में विल्हेम कॉनराड रॉन्टगन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले व्यक्ति।
12. 1901 में अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस के संस्थापक और फ्रेंच शांति सोसायटी के संस्थापक व पहले अध्यक्ष को संयुक्त रूप में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार दिए जाने वाले पहले व्यक्ति।
13. 2014 में 17 वर्ष की सबसे कम आयु की मलाला युसफजाई को शांति नोबेल पुरस्कार कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से दिया गया।
14. 1913 में भारत व एशिया के पहले व्यक्ति रवीन्द्रनाथ टैगोर को साहित्य (गीतांजलि) में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
15. अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस एकमात्र ऐसा संगठन जिसे 1917, 1944 और 1963 में तीन बार शांति नोबेल पुरस्कार से सम्मान प्राप्त हैं।
16. नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद यदि उस व्यक्ति की आपात मृत्यु हो जाती है तो भी उसे यह पुरस्कार मरणोपरांत उसके परिवार जन को दिया जाता है। 20वी सदी के बाद इस पुरस्कार की संख्या में बहुत बढ़त हुई है। लेकिन एक ही पुरस्कार एक ही क्षेत्र में तीन व्यक्तियों से अधिक एक बार में नहीं दिए जायेंगे।
17. अगर इस बात पर नजर डाली जाए की किस देश को सबसे अधिक नोबेल मिले है तो क्रमश: अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस है।
18. इतिहास में 2 व्यक्ति ऐसे भी है जिन्होंने अपना नोबल मेडल ही बेच दिया। 1962 में डी एन ए स्ट्रक्चर के खोजकर्ता James Watson ने अपना नोबेल मेडल 30 करोड़ रूपए में जातिवाद के कारण और 1988 फिजिक्स में नोबेल मेडल प्राप्त करने वाले Leon M. Lederman ने 5.2 करोड़ रूपए में अपना नोबेल मेडल बीमारी के कारण बेच दिया था।
20. इतिहास में दो बार यह भी हुआ है कि किसी ने नोबेल पुरस्कार को लेने से भी मना कर दिया। 1964 में Jean-Paul Sartre ने साहित्य का और 1973 में Le Duc Tho ने शांति का नोबेल लेने से इनकार कर दिया।

नोबल पुरस्‍कार से सम्मानित भारतीयों की पूरी सूची-

1913 – रवींद्रनाथ टैगोर – साहित्य के लिये
1930 – सी वी रमन – फिज़िक्स के लिये
1968 – हरगोबिंद खुराना – मेडिसिन के लिये
1979 – मदर टेरेसा – शांति के लिये
1983 – सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर – फिज़िक्स के लिये
1998 – अमर्त्य सेन – एकनॉमिक्स के लिये
2001 – वी एस नाइपॉल – लिटरेचर के लिये
2009 – वेंकटरमन रामाकृष्ण – रसायन के लिये
2014 – कैलाश सत्यार्थी – शांति के लिये

नोबेल पुरस्कार का स्वरूप – यह मेडल स्वीडिश और नार्वे कलाकारों और पच्चिकारों द्वारा बनाई गई एक अनूठी कला है। इस पदक को बड़ी सावधानी और परिशुद्धता को ध्यान में रखते हुए हाथ से निर्मित किया जाता है। इस 18 कैरेट ग्रीन गोल्ड पर 24 कैरेट सोने की प्लेटिंग होती है।

भौतिकी, रसायन, चिकित्सा और साहित्य में यह मेडल एक समान होता है। इस पर अल्फ्रेड नोबेल की छवि उनके जन्म और मृत्यु (1833-1896) वर्ष के साथ अंकित होती हैं। लेकिन शांति और आर्थिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार पर अल्फ्रेड नोबेल की छवि ही बनी होती है वो भी एक अलग डिजाइन के साथ। पिछले हिस्से पर बनी छवि पुरस्कार प्रदान संस्था के अनुसार बदलती रहती है।

जितना बड़ा यह सम्मान है निसंदेह विश्व में ऐसे महान लोगों की शौहरत भी उतनी बड़ी हो जाती है। अल्फ्रेड नोबेल की संस्था आज भी उनकी वसीयत की गरिमा को बनाए हुए है और पूरी जिम्मेदारी के साथ नोबेल पुरस्कार का वितरण संपूर्ण विश्व में योग्यता के आधार पर करती हैं।

अल्फ्रेड नोबेल की एक सकारात्मक सोच ने उन्हें सबसे बड़ी पहचान दी। आज दुनिया उन्हें डायनामाइट के आविष्कारक के रूप में नहीं बल्कि नोबेल पुरस्कार के रूप में याद करती है।

उम्मीद है जागरूक पर नोबेल पुरस्कार के बारे में कुछ रोचक जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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