ओरल कैंसर क्या है?

आइये जानते हैं ओरल कैंसर क्या है। ओरल कैंसर का अर्थ होता है मुँह में होने वाला कैंसर। इसमें होंठ, गाल, जीभ, तालु, साइनस और गले के कैंसर शामिल होते हैं। ओरल कैंसर महिलाओं की तुलना में पुरुषों में तेजी से फैलता है। इस कैंसर का पता अगर शुरुआत में लग जाता है तो इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है लेकिन अगर ओरल कैंसर का सही समय पर पता ना लगे तो ये जानलेवा भी हो सकता है।

ऐसे में ओरल कैंसर से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी आपको भी जरूर लेनी चाहिए ताकि आप कैंसर के इस रुप के प्रति सतर्क रह सके इसलिए आज आपको बताते हैं ओरल कैंसर के बारे में।

ओरल कैंसर होने के कारण क्या होते हैं?

  • धूम्रपान करना
  • तम्बाकू का सेवन करना
  • ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करना
  • धूप में ज्यादा समय तक रहना
  • फैमिली हिस्ट्री होना
  • कुपोषित आहार लेना
  • ह्यूमन पैलिलोमा वायरस इन्फेक्शन होना
  • इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाली दवाएं लेना

ओरल कैंसर के लक्षण क्या-क्या होते हैं?

  • मुँह में दर्द होना
  • बहुत ज्यादा वजन घटना
  • मुँह के किसी हिस्से में सूजन, कटाव या गांठ होना
  • मुँह से बिना किसी वजह खून बहना
  • बोलने, चबाने और निगलने में तकलीफ होना
  • गर्दन में गांठ होना
  • आवाज में बदलाव होना
  • घबराहट महसूस होना
  • कमजोरी महसूस होना
  • भूख नहीं लगना
  • स्वाद और गंध पहचानने में कठिनाई होना
  • त्वचा पर चकत्ते पड़ना
  • हाथ पैरों का सुन्न होना

ओरल कैंसर के कितने चरण होते हैं?

ओरल कैंसर के 5 चरण होते हैं-

चरण 0 – इस चरण का अर्थ होता है कि कैंसर अभी उसी स्थान पर है, जहाँ से वो शुरू हुआ था और अभी आगे फैला नहीं है।

चरण 1 – ये चरण बताता है कि कैंसर अभी छोटा है और किसी और भाग में फैला नहीं है।

चरण 2 – इस चरण में पता चलता है कि कैंसर बड़ा हो गया है लेकिन अभी फैला नहीं है।

चरण 3 – ये चरण बताता है कि कैंसर बढ़ने के साथ-साथ आसपास के ऊतकों में भी शायद फैल गया है।

चरण 4 – इस चरण से ज्ञात होता है कि कैंसर बढ़ चुका है और कम से कम एक और अंग में फैल चुका है।

ओरल कैंसर कितने प्रकार का होता है?

ओरल कैंसर 6 प्रकार का होता है-

  • होंठों का कैंसर
  • गालों का कैंसर
  • जीभ का कैंसर
  • मसूड़ों का कैंसर
  • मुँह के तले का कैंसर
  • नरम और कठोर तालु का कैंसर

मुँह के कैंसर से बचाव के तरीके क्या-क्या है?

  • तम्बाकू का सेवन ना करें
  • धूम्रपान से दूरी बनायें
  • शराब का सेवन ना करें
  • मुँह की सफाई का ध्यान रखें
  • सूरज की किरणों के ज्यादा और सीधे संपर्क से बचें
  • पौष्टिक और संतुलित आहार लें
  • महीने में एक बार मुँह का निरीक्षण करें और कुछ असामान्य दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें
  • निश्चित समय अंतराल में दन्त चिकित्सक से जाँच करवाने की आदत डालें

ओरल कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है?

ओरल कैंसर के निदान के लिए निम्न टेस्ट किये जाते हैं-

  • बायोप्सी
  • एक्स रे
  • अल्ट्रासाउंड स्कैन
  • एमआरआई स्कैन
  • सीटी स्कैन
  • पीईटी स्कैन

ओरल कैंसर का निदान करने के बाद, इसके इलाज के लिए ये प्रक्रिया अपनायी जाती है –

इन सभी उपचारों में से मरीज की स्थिति के अनुसार सही उपचार चुना जाता है।

अब आप जान चुके हैं ओरल कैंसर क्या होता है और ओरल कैंसर के प्रकार, लक्षण और कारण क्या होते हैं। साथ ही आप ये भी जान गए हैं कि ओरल कैंसर से बचाव के लिए क्या -क्या उपाय और सावधानी रखी जानी चाहिए इसलिए अपने मौखिक स्वास्थ्य का ध्यान रखिये और ओरल कैंसर के प्रति जागरूक बनिए।

टीम जागरूक को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी, साथ ही आपकी सेहत को सुरक्षित बनाये रखने में सहायक भी साबित होगी।

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