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पायलट कैसे बनें?

आइये जानते हैं पायलट कैसे बनें। एविएशन इंडस्ट्री से जुड़ी जॉब की बात जब आती है तो सबसे पसंदीदा जॉब ऑप्शन पायलट का ही होता है। ज्यादातर युवा पायलट बनने का सपना देखते हैं क्योंकि ये जॉब रोमांच से भरपूर है, इसमें नयापन है, चुनौतियां हैं और बहुत अच्छा सैलरी पैकेज भी है।

ऐसे में अगर आप भी पायलट बनने की चाह रखते हैं तो आपको भी पायलट बनने से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी लेनी चाहिए। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि पायलट कैसे बना जाये।

पायलट कैसे बनें?

पायलट बनने की तैयारी स्कूल से ही शुरू हो जाती है यानी 12वीं क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स सब्जेक्ट्स पढ़ने के बाद ही आप पायलट बनने के बारे में सोच सकते हैं इसलिए 12वीं क्लास साइंस (PCM) से पास करिये।

कमर्शियल पायलट बनने के लिए स्टूडेंट पायलट लाइसेंस और प्राइवेट पायलट लाइसेंस लेना जरुरी होता है।

इस फील्ड में जाने के लिए उम्र कम से कम 16 साल होनी चाहिए।

पायलट बनने के लिए सबसे पहले किसी फ्लाइंग क्लब से जुड़ना होता है। इसके लिए ऐसे फ्लाइंग क्लब में एडमिशन लेना होता है जो DGCA (Directorate General of Civil Aviation), गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त हो।

इस क्लब में एडमिशन के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेन्स, मेडिकल सर्टिफिकेट और बैंक की गारण्टी चाहिए होती है।

फ्लाइंग क्लब का हिसाब बनने के बाद एक एग्जाम क्लियर करना होता है जिसमें एविएशन मेट्रोलॉजी, एयर नेविगेशन, इंजन और एयर रेग्युलेशंस से जुड़े सवाल होते हैं। इस एग्जाम को पास करने के बाद SPL (स्टूडेंट पायलट लाइसेंस) मिल जाता है।

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स्टूडेंट पायलट लाइसेंस प्राप्त कर लेने के बाद, प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) हासिल करना होता है। ये सर्टिफिकेट पाने के लिए उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए और 12वीं क्लास पास होने के अलावा आर्म्ड फोर्सेज सेन्ट्रल मेडिकल एस्टैब्लिशमेंट से मेडिकल सर्टिफिकेट भी प्राप्त होना चाहिए।

PPL के लिए लगभग 60 घंटे तक उड़ान भरना जरुरी होती है। उड़ान के दौरान कई बार ट्रेनर के साथ प्लेन उड़ाया जाता है और कभी अकेले।

PPL हासिल करने के बाद CPL (कमर्शियल पायलट लाइसेंस) लेना होता है जिसके लिए 250 घंटे की उड़ान भरनी जरुरी होती है। इसमें PPL के 60 घंटे शामिल होते हैं।

इसके साथ ही कैंडिडेट को एक एग्जाम और मेडिकल टेस्ट से गुजरना होता है जिसके बाद CPL यानी कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिल जाता है और उसके बाद एक कमर्शियल पायलट की तरह जॉब की जा सकती है।

एक पायलट में कौन-कौनसी स्किल्स होनी चाहिए?

दृढ़ता, समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता, अपने काम के प्रति समर्पण और जुनून, स्पष्ट संवाद क्षमता, अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़, इमरजेंसी में चार्ज लेने की योग्यता, शांत स्वभाव और अपने काम में महारत।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के नाम

  • ब्लू डायमंड एविएशन, पुणे
  • एक्यूमेन स्कूल ऑफ पायलट ट्रेनिंग, दिल्ली
  • इंडियन एविएशन एकेडमी, मुंबई
  • इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एविएशन, आईएसए, नई दिल्ली
  • एशियाटिक इंटरनेशनल एविएशन एकेडमी, इंदौर
  • राजीव गाँधी एविएशन एकेडमी, हैदराबाद
  • गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल, बैंगलोर
  • इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी, दिल्ली

पायलट बनने के लिए उम्र, एजुकेशन और फिटनेस से जुड़ी जरुरी जानकारी आपके पास आ गयी है लेकिन इसमें डटकर आगे बढ़ते रहने के लिए जरुरी है जुनून, इसलिए इस जुनून को बनाये रखिये और अपने सपनों को सच कर लीजिये।

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जागरूक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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