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प्रोटीन की खोज किसने और कब की?

आइये जानते हैं प्रोटीन की खोज किसने और कब की (protein ki khoj kisne ki thi)। स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक पौष्टिक आहार में प्रोटीन का होना बहुत जरुरी होता है। प्रोटीन ऐसा जटिल कार्बनिक पदार्थ है जो कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से मिलकर बनता है।

शरीर की वृद्धि और जैविक क्रियाओं के लिए प्रोटीन आवश्यक होता है। त्वचा, रक्त, मांसपेशियों और हड्डियों के विकास के लिए प्रोटीन बहुत जरुरी होता है।

प्रोटीन शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द प्रोटिओस से हुयी है जिसका अर्थ होता है- प्राइमरी। तो चलिए, जागरूक पर आज जानते हैं शरीर के लिए इतने आवश्यक प्रोटीन की खोज किसने की?

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प्रोटीन की खोज किसने और कब की? (protein ki khoj kisne ki thi)

प्रोटीन को सबसे पहले डच रसायनज्ञ Rardus Johannes Mulder ने डिस्क्राइब किया और इसे प्रोटीन नाम 1838 में स्वीडिश रसायनज्ञ Jons Jacob Berzelius ने दिया।

शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन की पूर्ति पौधे एमिनो अम्ल का संश्लेषण करके पूरा कर लेते हैं जब जंतुओं को प्रोटीन की जरुरत पूरा करने के लिए बाहर से कुछ एमिनो अम्ल लेने पड़ते हैं।

शाकाहारी रुप में चना, मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा और गेहूं, मक्का, दूध से प्रोटीन की पूर्ति की जाती है जबकि मांस, मछली और अंडे माँसाहारी रुप में प्रोटीन की पूर्ति करते हैं।

उम्मीद है प्रोटीन की खोज (protein ki khoj kisne ki thi) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।