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पुराणों में गाय को इतना महत्त्व क्यों दिया गया है?

हमारे प्राचीन ग्रन्थ वेदों में गाय को बहुत महत्त्व दिया गया है और गाय के प्रत्येक अंग में देवता के वास को स्वीकारा गया है। इतना ही नहीं, गाय के गोबर और पैरों की मिट्टी को भी पवित्र माना गया है। ऐसे में क्यों ना आज, इसी बारे में बात की जाये।

तो चलिए, आज जानते हैं कि पुराणों में गाय को इतना महत्व दिए जाने के कारण क्या-क्या है:-

पद्म पुराण में गाय के प्रत्येक अंग में बसे ज्ञान और देवताओं का वर्णन किया गया है। गाय के मुख में चारों वेद हैं। सींगों में भगवान शिव और विष्णु का वास है। गाय के पेट में कार्तिकेय, मस्तक में ब्रह्मा हैं। गाय के ललाट में रूद्र और सींगों के अग्र भाग में इंद्र विराजित है। गाय के दोनों कानों में अश्विनी कुमार हैं और नेत्रों में सूर्य और चन्द्रमा हैं।

गाय के दांतों में गरुड़, जिह्वा में सरस्वती का वास है। अपान में सारे तीर्थ स्थित हैं और मूत्र मार्ग में गंगा है। गाय के रोमकूपों में ऋषिगण विराजित हैं। गाय के मुख के भीतर गन्धर्व और नासिका के अग्रभाग में सर्प है। खुरों के पिछले भाग में अप्सराएं स्थित हैं। गाय के पृष्ठ भाग में यमराज, दक्षिण पार्श्व में वरुण और कुबेर और वाम पार्श्व में महाबली यक्ष स्थित हैं।

गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास बताया गया है और गोमूत्र में भवानी का। गाय के चरणों के अग्रभाग में आकाशचारी देवता, रंभाने की आवाज में प्रजापति और थनों में समुद्र स्थित है। ऐसा भी माना जाता है कि गाय के पैरों में लगी मिट्टी का तिलक लगाने से ही तीर्थ स्नान जैसा पुण्य मिल सकता है।

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गाय को चारा खिलाने से उतना ही पुण्य मिलता है जितना तीर्थों में स्नान करने से, दान करने से, ब्राह्मणों को भोजन कराने से और यज्ञ-हवन और व्रत उपवास से प्राप्त होता है। गाय की सेवा करने से ही देवता प्रसन्न हो जाते हैं और परिवार में खुशहाली रहती है।

ऐसी मान्यता भी है कि 84 लाख योनियों को पूरा करके आत्मा अंतिम योनि में गाय बनती है। पुराणों के अतिरिक्त, अगर विज्ञान की बात करें तो वैज्ञानिकों का कहना है कि गाय ही ऐसा एकमात्र प्राणी है जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है जबकि मनुष्य और बाकी सभी प्राणी ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं।

दोस्तों, अब आप समझ गए होंगे कि गाय को हमारी माता और पूजनीय क्यों माना जाता है और अब आपको पुराणों के साथ साथ विज्ञान के स्तर पर भी गाय के महत्त्व की जानकारी हो गयी है। जागरुक टीम को उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और गाय की सेवा और सुरक्षा करने के लिए आपको प्रेरित भी कर पायेगी।

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