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जीवन में पुस्तकों का महत्त्व

आइये जानते हैं जीवन में पुस्तकों का महत्त्व क्या है (jeevan me pustako ka mahatva)। भले ही आज के इंटरनेट फ्रेंडली वर्ल्ड में सीखने के लिए सब कुछ इंटरनेट पर मौजूद है लेकिन इन सब के बावजूद जीवन में पुस्तकों का महत्त्व आज भी बरकरार है क्योंकि किताबें बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हमारे सच्चे दोस्त का हर फर्ज़ अदा करती आयी है।

बचपन में माँ और परिवार से सीखने के बाद जब बच्चा स्कूल जाता है तब उसकी मुलाकात किताबों से होती हैं जो उसे जीवन की वास्तविकता से मिलवाती हैं और जीने की कला सिखाती हैं और जब उम्र का सफर पार करते हुए व्यक्ति बुढ़ापे की तरफ बढ़ता है तब भी ये किताबें ही उसके अकेलेपन को साझा करती हैं।

किताबे हमें ज्ञान देती हैं और उस ज्ञान को जीवन की परिस्थितियों में सही तरह से लागू करने का गुर भी सिखाती है। किताबें पढ़कर हम प्राचीन संस्कृति से अवगत भी होते हैं और भविष्य की रुपरेखा को भी समझ पाते हैं। इतना ही नहीं, वर्तमान समय में खुद को हर हाल में आगे बढ़ाने का हुनर भी किताबें हमें सिखाती हैं।

ख़ुशी और गम में हरदम साथ निभाने वाली ये किताबें हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में आज आपको बताते हैं कि किताबें पढ़ने से आपको क्या-क्या फायदे हो सकते हैं ताकि आप इसके महत्व को बरकरार रख सके। तो चलिए, आज जानते हैं हमारे जीवन में पुस्तकों का महत्त्व के बारे में।

जीवन में पुस्तकों का महत्त्व (jeevan me pustako ka mahatva)

देश दुनिया की जानकारी – किताबों के जरिए घर बैठे ही देश दुनिया से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है। दुनिया के अजूबे, अलग अलग देशों की संस्कृतियां, जीवनयापन के तरीके, महासागर और नदियों के बारे में विस्तार से जाना जा सकता है।

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शब्दावली बेहतर होना – किताबें पढ़ने के दौरान एक ही शब्द के अलग-अलग अर्थ पता चलते हैं जिनसे शब्दावली बेहतर होने लगती है। इसका फायदा लेखन के दौरान होता है इसलिए अगर स्कूल की किताबों के साथ स्टूडेंट अच्छी प्रेरणादायी किताबें पढ़ने की आदत डाल लें तो उनकी शब्दावली बहुत जल्द बेहतर होने लगेगी।

महान व्यक्तियों के वचन – समय-समय पर देश दुनिया में हुए महापुरुषों द्वारा दिए गए अनमोल वचन हमारे लिए धरोहर है जो किताबों के जरिये हमें प्राप्त होते हैं। महापुरुषों की वाणी आज भी हमें जीवन की सही दिशा दिखाने में मदद करती है। सही और ग़लत के बीच भेद करने और स्वयं के विचारों को ऊँचा उठाने में महापुरुषों के वचन उपयोगी सिद्ध होते हैं।

अच्छी नींद में सहायक – सोते समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल करने की बजाये अगर किताबें पढ़ी जाती हैं तो बहुत अच्छी नींद आती है और दिमाग को राहत मिलती है। इतना ही नहीं, कुछ अच्छा पढ़कर सोने से हमारी सोच का स्तर भी बेहतर होता जाता है।

याद्दाश्त बढ़ना – जहाँ टीवी देखने पर कल्पनाशक्ति कम हो जाती है और सोचने की क्षमता भी घटती है वहीं किताबें पढ़ने से ढ़ेरों कल्पनाएं ज़ेहन में चलती रहती हैं और सोचने-विचारने की क्षमता भी तेज होती है। नियमित रूप से किताबें पढ़ने से याद्दाश्त बढ़ने लगती है।

तनाव से राहत – आजकल दौड़ते भागते हर काम निपटाने के दबाव में तनाव लगातार बढ़ता रहता है। ऐसे में दिन का थोड़ा-सा समय किताबों को देने पर दिमाग को रोजमर्रा की परेशानियों से हटकर, कुछ नया पढ़ने-सीखने का मौका मिलता है और तनाव भी आसानी से कम हो जाता है।

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एकाग्रता बढ़ना – अपनी पसंदीदा किताबें पढ़ने से ना केवल मन को खुशी मिलती है बल्कि सारा ध्यान किताब पर लगा रहने से एकाग्रता भी बढ़ने लगती है इसलिए स्टूडेंट्स को किताबें पढ़ने का अभ्यास जरूर करना चाहिए ताकि एकाग्रता बढ़ाने के लिए उन्हें किसी विशेष प्रयास की जरुरत ना पड़े।

प्रेरणा मिलना – किताबों में कही गयी बातें, किस्से और कहानियां हमें प्रेरित करते हैं और हम कुछ नया और बेहतर करने के लिए प्रेरित महसूस करते हैं। महापुरुषों की जीवनियां, सफल लोगों के संघर्ष की कहानियां पढ़कर हम प्रयास करते रहने के लिए उत्साहित होते हैं और बेहतर परिणाम प्राप्त करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाता है।

दौर कोई भी क्यों ना आये, किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता इसलिए आप भी इन्हें अपना दोस्त बनाइये और इनसे जीवन से जुड़ी हर सीख लेकर आगे बढ़ते जाइये।

जीवन में पुस्तकों का महत्त्व

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