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रिटायरमेंट प्लानिंग कैसे करें?

आइये जानते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग कैसे करें। आमतौर पर 60 साल की उम्र में नौकरी से रिटायरमेन्ट मिल जाता है और इसके बाद कई तरह की फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स से सामना होना शुरू हो जाता है। अगर आप सोचते हैं कि रिटायरमेंट की उम्र में सेविंग्स के बारे में सोचेंगे तो यकीन मानिये कि तब तक बहुत देर हो जाएगी।

अगर आप रिटायरमेंट के बाद भी सुकून से रहना चाहते हैं तो रिटायरमेंट प्लानिंग आपको 30 साल की उम्र पार करने के साथ ही शुरू कर देनी चाहिए, तभी थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्ट करके आप इतना जमा कर पाएंगे जिससे आपके रिटायरमेंट के बाद की लाइफ भी बहुत आराम से गुज़र सके।

ऐसा भी हो सकता है कि ये ख़याल आपको तसल्ली देता हो कि रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन मिला करेगी, लेकिन इतना ध्यान रखिये कि आपकी सैलरी और पेंशन में काफी फर्क होगा और ऐसे में आपके खर्चे और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पेंशन के अलावा आपकी सेविंग्स भी काम आएगी इसलिए अभी से रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर दीजिये और आइये, आज हम जानते हैं कि इसके लिए आपको क्या-क्या करने की ज़रूरत है।

रिटायरमेंट प्लानिंग कैसे करें?

कैसे करें रिटायरमेंट प्लानिंग – मान लीजिये आपकी सैलरी 50,000 रुपए है और उम्र 40 साल हो गयी है, ऐसे में अभी आपके पास सेविंग्स के लिए 20 साल का समय है। रिटायरमेंट प्लानिंग करने के लिए सबसे पहले आप अपने वर्तमान खर्चे और बचत का पूरा हिसाब रखना शुरू कीजिये और इस बात का भी आंकलन करिये कि आपकी इस नौकरी के अगले 20 सालों में आपको कितने पैसों की ज़रूरत पड़ सकती है।

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सबसे पहले अपने महीने का खर्च जोड़ लीजिये – हर महीने घर की ज़रूरतों में कितना पैसा खर्च होता है, इसका हिसाब लगा लीजिये। मान लीजिये इसमें हर महीने 20,000 रुपये खर्च होते हैं।

ट्रांसपोर्टेशन और एंटरटेनमेंट पर होने वाले खर्च का हिसाब लगा लीजिये – ट्रांसपोर्टेशन पर होने वाले खर्चे को अक्सर हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं लेकिन इसमें एक बड़ी रकम खर्च हो जाती है। इसके अलावा परिवार के मनोरंजन पर होने वाले खर्च का आंकलन भी करना चाहिए। मान लीजिए एक साल में इन दोनों क्षेत्रों में 30 हज़ार रुपये का खर्च आता है।

इमरजेंसी और मेडिकल खर्च – इमरजेंसी कब आ जाये, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं होता है और ना ही इस पर खर्च होने वाले पैसों का कोई अनुमान लगाया जा सकता है लेकिन समझदारी इसी में है कि इस तरह के खर्च के लिए एक निश्चित राशि बचाकर ज़रूर रखी जाए। मान लीजिये कि दवा और इमरजेंसी पर होने वाला खर्च 30,000 रुपये है।

छुट्टियों पर होने वाला खर्च भी जोड़ें – परिवार के साथ कई बार घूमने का प्लान आप भी बनाते होंगे और इसमें भी एक बड़ी राशि खर्च होती होगी जिसे जोड़ना भी काफी ज़रूरी है। मान लीजिये कि छुट्टियों पर आप सालभर में 20,000 रुपये खर्च करते हैं।

टैक्स की राशि भी जोड़ें – हर साल आप टैक्स के रूप में जितने रुपये का भुगतान करते हैं, उसे भी जोड़ लें। मान लीजिये कि आपकी आय के अनुसार आप हर साल 20,000 रुपये टैक्स भुगतान में भरते हैं।

महंगाई का आंकलन भी ज़रूरी है – कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी होती है, इस बात को आप भलीभांति जानते हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के समय आपकी ज़रूरत की चीज़ों के मूल्य भी बहुत बढ़ जाएंगे इसलिए मान लीजिये कि वार्षिक तौर पर महंगाई दर पर आप 50,000 रुपये ज़्यादा खर्च करेंगे।

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अब इन सभी ज़रूरी खर्चों को जोड़ लेते हैं-
महीने का खर्च – 20,000 X 12 = 2,40,000
ट्रांसपोर्टेशन खर्च = 30,000
छुट्टियों पर खर्च = 20,000
इमरजेंसी खर्च = 30,000
टैक्स भुगतान खर्च = 20,000
महंगाई दर खर्च = 50,000
कुल खर्च = 3,90,000

इन सभी ज़रूरी खर्चों को जोड़ने के बाद ये बात सामने आती है कि रिटायरमेंट के बाद आपको अपने वार्षिक खर्च के लिए कुल 3 लाख 90 हजार रुपए की ज़रूरत होगी। ऐसे में, अगर रिटायरमेंट के बाद आप करीब 20 साल की उम्र मान लें तो इस दौरान आपको करीब 78 लाख रुपये की ज़रूरत पड़ेगी।

महंगाई दर जोड़ लेने के बावजूद भी, यकीन मानिये कि आपके रिटायर होने के बाद महंगाई दर में और भी अधिक इजाफा हो गया होगा इसलिए इस खर्चे में 10 लाख रुपये महंगाई दर के और जोड़ लेने के बाद, आपको रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक करीब 90 लाख रुपये की ज़रूरत होगी।

हो सकता है कि ये हिसाब जानकर आप हैरान रह गए हों। लेकिन सच यही है कि रिटायरमेंट के बाद भी, आज जैसी बेहतर ज़िन्दगी चाहते हैं तो अभी से जोड़ना और बचाना शुरू कर दीजिये और अब आप रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में भी जान चुके हैं इसलिए अपनी सैलरी और अपने खर्चों के हिसाब से अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग करना शुरू कर दीजिये ताकि आपका आज भी बेहतर रहे और आने वाला कल भी बेहतरीन बन सके।

उम्मीद है जागरूक पर रिटायरमेंट प्लानिंग कैसे करें कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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