सच बोलने के फायदे

Spread the love

आज जानते हैं सच बोलने से होने वाले फायदों के बारे में (sach bolne ke fayde)। सच बोलना और सच का साथ देना सिर्फ एक अच्छी आदत नहीं है बल्कि ये जीने का सही तरीका भी है। आजकल झूठ बोलना एक सामान्य सी आदत बन गयी है और सच बोलने की ज़रूरत हमें महसूस नहीं होती है।

सब चाहते हैं कि बात अगर झूठ बोलकर बन सकती है तो सच बोलने का फायदा ही क्या है और इसी सोच के चलते आज के समय में बहुत ही कम लोग ऐसे नज़र आते हैं जो सच बोलना पसंद भी करते हैं और ज़रूरी भी समझते हैं।

सच बोलने का सम्बन्ध किसी नफा-नुकसान से नहीं है बल्कि जीवनशैली का अभिन्न अंग है सच बोलना। ऐसे में सच बोलने से होने वाले फायदों के बारे में आपको भी ज़रूर जानना चाहिए।

सच बोलने के फायदे (sach bolne ke fayde)

स्वभाव में सरलता आती है – सरल स्वभाव वाले लोगों से सभी प्रभावित होते हैं और सरल स्वभाव सच बोलने वाले व्यक्ति का ही होता है क्योंकि उसमें किसी प्रकार का छलावा, दिखावा, छल-कपट नहीं होता है।

ऐसे लोग झूठ से मिलने वाले फायदों की बजाये सच बोलना पसंद करते हैं इसलिए अगर आप भी चाहते हैं कि आपके स्वभाव में जटिलता के स्थान पर सरलता आ जाये तो सच की राह अपनाइये।

उम्र बढ़ती है – कम उम्र का कारण तनाव, चिंता, भय और असुरक्षा की भावनाएं होती हैं जिनके कारण व्यक्ति को अनेक रोग लग जाते हैं और कई बार व्यक्ति कम उम्र ही जी पाता है जबकि सच बोलने वाले व्यक्ति को किसी का भय नहीं होता, झूठ बोलने से पैदा होने वाला तनाव और चिंता भी उससे दूर रहती है।

ऐसा व्यक्ति संतोष के साथ जीवनयापन करता है और सेहतमंद जीवन जीता है, ऐसा महाभारत में भी बताया गया है।

जीवन खुशहाल बनता है – झूठ बोलने वाले व्यक्ति के जीवन में कुंठा, तनाव, बेचैनी और असंतोष बना रहता है और उसके जीवन में खुशियां नहीं आ पाती लेकिन सच बोलने वाला व्यक्ति संतोषी होता है और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का भी आनंद ले पाता है। ऐसे में सच बोलने वाले व्यक्ति का जीवन खुशहाल बनता है।

मन रहता है शांत – आजकल मन विचलित रहना भले ही एक आम बात हो गयी हो लेकिन इसे सामान्य नहीं समझना चाहिए। झूठ बोलने से पैदा होने वाले डर और चिंता के कारण मन हमेशा विचलित रहता है।

जबकि सच बोलने वाले व्यक्ति का मन शांत रहता है क्योंकि उसे एक झूठ छिपाने के लिए लगातार झूठ नहीं बोलने पड़ते हैं। ऐसे में सच बोलने वाले लोग शांत और स्थिर मन के कारण प्रसन्नता का अनुभव करते हैं।

सच और झूठ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। झूठ से जहाँ ढेरों चिंताएं मिलती हैं वहीँ सच का साथ देने से आत्मिक सुख मिलता है। अब ये आपका चुनाव है कि आप अपने लिए कैसे जीवन की चाहत रखते हैं।

झूठ से हासिल की गयी सुविधाओं से युक्त जीवन, जिसमें सम्पन्नता तो हो सकती है लेकिन सुकून और सेहत नहीं, या फिर सच से मिलने वाली शांत और खुशहाल ज़िन्दगी, जिसमें भले ही सम्पन्नता ना हो लेकिन मन की अपार ख़ुशी ज़रूर मौजूद हो।

उम्मीद है जागरूक पर sach bolne ke fayde ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

पीने के पानी का टीडीएस कितना होना चाहिए?

जागरूक यूट्यूब चैनल

Leave a Comment