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सामवेद में क्या लिखा हुआ है और उसका दैनिक जीवन में क्या उपयोग है?

आइये जागरूक पर जानते हैं सामवेद में क्या लिखा हुआ है और उसका दैनिक जीवन में क्या उपयोग है। प्राचीन भारत के चार पवित्रतम ग्रंथों में से एक सामवेद है। ये वेद गीत-संगीत प्रधान है। साम शब्द का अर्थ गान होता है इसलिए इस वेद का नाम सामवेद रखा गया। सामवेद में संकलित मन्त्र देवताओं की स्तुति के समय गाये जाते थे। इस ग्रन्थ में बहुत – सी ऐसी जानकारियां निहित है जिन्हें आप भी जानना चाहते होंगे। ऐसे में क्यों ना आज, सामवेद के बारे में जाना जाये। तो चलिए, आज जानते हैं सामवेद में लिखित ज्ञान और उसके दैनिक जीवन में उपयोग के बारे में।

  • सामवेद में कुल 1875 मन्त्र हैं जिनमें से 61 मन्त्रों के अतिरिक्त, शेष सभी मन्त्र ऋग्वेद से लिए गए हैं।
  • सामवेद के मन्त्र ‘सामानि’ कहलाते हैं।
  • सामवेद की तीन महत्वपूर्ण शाखाएं कौथुमीय, जैमिनीय और राणायनीय हैं।
  • सामवेद में लिखित ऋचाओं का गान सोमयज्ञ के समय ‘उद्गाता’ करते थे।
  • सामवेद चारों वेदों में आकार की दृष्टि से सबसे छोटा वेद है।
  • सभी वेदों के चुनिंदा अंश इस वेद में समाहित हैं।
  • अग्नि पुराण में कहा गया है कि यदि सामवेद के मन्त्रों का विधिवत जप किया जाए तो रोग से मुक्ति भी मिल सकती है और कामनाओं की सिद्धि भी की जा सकती है।
  • महाभारत और गीता में सामवेद के महत्त्व का वर्णन किया गया है।
  • सामवेद में लिखित मन्त्र ये स्पष्ट करते हैं कि वैदिक ऋषि ऐसे वैज्ञानिक सत्य जानते थे जिन्हें जानने में आधुनिक वैज्ञानिकों को हजारों वर्ष लग गए।
  • वर्तमान में आधुनिक विद्वानों द्वारा भी ये स्वीकार किया जाने लगा है कि सभी स्वर, ताल, लय, छंद, स्वर चिकित्सा और राग नृत्य मुद्रा आदि सामवेद से ही निकले हैं।
  • भारतीय संगीत में सामवेद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सामवेद की जिस गायन पध्दति का वर्णन मिलता है उसे आधुनिक हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत में स्वरों के क्रम में सा-रे-गा-मा-पा-धा-नि-सा के नाम से जाना जाता है।
  • सामवेद में वैदिक काल के बहुत से वाद्य यंत्रों जैसे वीणा, दुंदुभि, नादी, तुरभ और बंकुरा का वर्णन मिलता है।
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इस तरह ये स्पष्ट है कि दैनिक जीवन में जिस संगीत का आनंद हम लेते हैं वो सामवेद से ही उत्पन्न हुआ है और वर्तमान में जो आधुनिक संगीत चलन में है उसका आधार भी सामवेद ही है। इस तरह ये स्पष्ट है कि सामवेद वर्तमान में भी अपना महत्व बनाये हुए है और भारतीय संगीत के क्षेत्र में इसका महत्व अतुलनीय है।

दोस्तों, जागरूक टीम को उम्मीद है कि सामवेद से जुड़ी ये महत्वपूर्ण जानकारी आपको पसंद भी आयी होगी और आपके लिए उपयोगी भी साबित होगी।

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