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ट्राइग्लिसराइड्स क्या है?

आइये जानते हैं ट्राइग्लिसराइड्स क्या है (triglycerides kya hai)। वसा के बारे में थोड़ी जानकारी आपके पास जरूर होगी लेकिन हो सकता है कि शरीर में पायी जाने वाली वसा (ट्राइग्लिसराइड) के बारे में आप जानना चाहते हों। ऐसे में क्यों ना, आज ट्राइग्लिसराइड्स के बारे में बात करें जो हमारे ब्लड में पायी जाने वाली वसा का एक प्रकार है। तो चलिए, आज वसा के इस प्रकार ट्राइग्लिसराइड के बारे में जानते हैं और सेहत पर पड़ने वाले इसके प्रभावों को भी समझते हैं।

ट्राइग्लिसराइड्स क्या है? (triglycerides kya hai)

ट्राइग्लिसराइड्स हमारी वसा कोशिकाओं में संग्रहित होती है। खाना खाने के दौरान ऊर्जा के लिए हार्मोन ट्राईग्लिसराइड्स को स्रावित करते हैं। अगर भोजन में ज्यादा कैलोरी ली जाएं और कैलोरी को बर्न भी ना किया जाए तो ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल हाई हो सकता है।

ब्लड टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल के साथ ट्राइग्लिसराइड्स को भी मापा जाता है। इसका सामान्य स्तर (normal range) 150 mg/dl से कम होता है जबकि 200 mg/dl से ज्यादा का स्तर उच्च हो जाता है। ऐसी वसा की मात्रा जब ब्लड में ज्यादा हो जाती है तो विशेष रूप से महिलाओं में कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

ट्राइग्लिसराइड्स का सेहत पर प्रभाव

  • खून में ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ते ही वसा का ये प्रकार, ब्लड सेल्स की दीवारों के ऊपर एक परत बना देता है। जिससे पूरे शरीर में ब्लड फ्लो सही तरीके से नहीं हो पाता है। इस वजह से हार्ट मसल्स पर बहुत ज्यादा दबाव बढ़ने लगता है। क्योंकि इन्हें ज्यादा बल लगाकर ब्लड को पम्प करना पड़ता है।
  • इसका लेवल बढ़ते ही रक्त कोशिकाएं ब्लॉक हो जाती हैं। इस रूकावट को दूर करने के लिए पैंक्रिया लाइपेज एंजाइम के उत्पादन के लिए पैंक्रियास की सेल्स बढ़ जाती हैं। जिसके कारण पैंक्रियास का आकार बढ़ जाता है और पैंक्रियाइटिस हो जाता है।
  • ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल अगर 200 mg/dl से ज्यादा हो जाता है तो कमर का हिस्सा शरीर के बाकी अंगों की तुलना में ज्यादा मोटा हो जाता है। ऐसा होने पर ना केवल मोटापा बढ़ता है बल्कि डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा हुआ स्तर आँखों की नसों को भी प्रभावित करता है जिससे अंधापन भी हो सकता है। इस दौरान शरीर में कई जगहों जैसे घुटनों के जोड़ और कोहनी पर वसा की गाठें होने लगती है। जो पीले रंग की हो सकती हैं।
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ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल हाई होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-

  • बढ़ा हुआ वजन
  • धूम्रपान, शराब का सेवन
  • कार्बोहायड्रेट आहार का ज्यादा सेवन
  • शारीरिक रूप से अक्रिय
  • कोई आनुवंशिक विकार
  • किसी बीमारी और दवाओं का प्रभाव

ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल संतुलित कैसे करें?

ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को संतुलित करने के लिए एक संतुलित जीवनचर्या की जरुरत है। जिसमें वजन संतुलित हो, आहार संतुलित हो और व्यायाम भी शामिल हो। इन सभी प्रयासों के साथ ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को बढ़ाने वाले कारकों को दूर करना भी जरुरी है।

ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को सामान्य करने के लिए दवा लेने की जरुरत पड़ती है। जिसके लिए आप डॉक्टर से परामर्श लेकर ही कोई दवा लें।

उम्मीद है जागरूक पर ट्राइग्लिसराइड्स क्या है (triglycerides kya hai) कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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