होम क्या कैसे वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों को ही क्यों चुना जाता है?

वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों को ही क्यों चुना जाता है?

आइये जानते हैं वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों को ही क्यों चुना जाता है। लेबोरेट्री में किये जाने वाले प्रयोगों में अधिकतर चूहों और रोडेन्ट्स का ही चुनाव किया जाता है।

इन पर किये गए प्रयोगों के आधार पर ये तय किया जाता है कि सम्बंधित प्रयोग इंसानों के लिए किस तरह फायदेमन्द हो सकता है और किस रूप में नुकसान पहुंचा सकता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ज़्यादातर वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों का चुनाव ही क्यों किया जाता है? अगर आप ये जानना चाहते हैं तो आइये, आज इसी बारे में जानते हैं कि वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए आख़िर चूहों को ही क्यों चुना जाता है।

chuehe bhagayen

वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों को ही क्यों चुना जाता है?

चूहे और मूषक ऐसे मैमल्स हैं जिनके शरीर में होने वाली बहुत-सी क्रियाएं मनुष्यों से मिलती-जुलती होती हैं।

चूहे आकार में छोटे होते हैं इसलिए इन्हें रखने के लिए कम जगह की जरुरत पड़ती है। साथ ही ये किसी भी नए माहौल में आसानी से समायोजित भी हो जाते हैं।

चूहों में प्रजनन जल्दी होता है और इनकी उम्र 2 या 3 वर्ष ही होती है। ऐसे में चूहों की एक पीढ़ी का अध्ययन बड़ी आसानी से किया जा सकता है।

कम खर्च में चूहों की ज़्यादा संख्या को प्रयोगों के लिए खरीदा जा सकता है।

सामान्य रूप से चूहे और मूषक प्रयोगों के दौरान शांत और स्थिर बने रहते हैं जिससे इन्हें हैंडल कर पाना आसान हो जाता है।

रोडेन्ट्स यानी मूषक का प्रयोग मेडिकल टेस्टिंग में करने का एक बहुत अहम कारण इसके जेनेटिक्स, बायोलॉजिकल और व्यवहार सम्बन्धी लक्षणों का मनुष्यों से मिलता-जुलता होना है।

बीते दो दशकों में मनुष्य और चूहों की ये समानताएं काफी बढ़ गयी हैं और अब साइंटिस्ट्स ‘ट्रांसजेनिक माइस’ भी बना सकते हैं।

चूहों पर प्रयोग करके अब ‘नॉकआउट माइस’ भी बनाये जा सकते हैं जिनमें किसी जीन को हटाया या इनएक्टिव कर दिया जाता है और ऐसे चूहों का अध्ययन करके इंसानों में बनने वाले कैंसर केमिकल के प्रभावों को समझा जा सकता है और ली जाने वाली दवाओं की सुरक्षित मात्रा के बारे में जाना जा सकता है।

इंसानों में होने वाली डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा, पार्किंसन, अल्ज़ाइमर, कैंसर, हार्ट डिसीज, एड्स जैसी बहुत-सी बीमारियों का पता लगाने के लिए इनसे जुड़े प्रयोग चूहों पर किये जाते हैं।

चूहों और इंसानों में बहुत सी समानताएं होने के कारण और आसानी से उपलब्धता और रखरखाव की सुविधा के चलते ही चूहों और मूषकों का चुनाव वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए किया जाता रहा है।

उम्मीद है जागरूक पर वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए चूहों को ही क्यों चुना जाता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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